पहले पत्नी को जहर दिया, फिर बेटे को मार डाला; कातिल पिता को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Jageshwar prasad | May 06, 2026, 19:35 IST
Photograph: (the sootr)
अलवर में एक व्यक्ति ने पहले पत्नी को जहर दिया, फिर 6 साल के बेटे को मार डाला। दो बेटियों को भी मारने की कोशिश की। कोर्ट ने आरोपी मामचंद को उम्रकैद और 1.51 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

News In Short

  • अलवर के एक व्यक्ति ने पहले पत्नी को जहर दिया, फिर बेटे को मार डाला।
  • आरोपी की सनक थी- पत्नी की निशानी के तौर पर कोई औलाद जिंदा नहीं छोड़ेगा।
  • दो बेटियों को भी मारने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ और वे बच गईं।
  • कोर्ट ने 14 गवाहों और 26 दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मामचंद को दोषी ठहराया।
  • कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 1.51 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

News In Detail

संजय जैन @ अलवर



Alwar: अलवर जिले की एडीजे कोर्ट नंबर-3 ने एक निर्मम पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी मामचंद ने पहले अपनी पत्नी को जहर देकर मार डाला और फिर उसकी निशानी मानकर अपने ही 6 साल के बेटे को खत्म कर दिया। आरोपी ने अपनी दो बेटियों को भी मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह नाकाम रहा। कोर्ट का यह फैसला करीब 6 साल बाद आया है। आरोपी सीआरपीएफ (CRPF) में सिपाही था और इसी जनवरी में सेवानिवृत्त हुआ है।



क्या है पूरा मामला?

सरकारी वकील अजीत यादव ने बताया कि यह दर्दनाक घटना 19 अगस्त 2020 की है। उस दिन आरोपी पिता मामचंद ने अपने 6 वर्षीय मासूम बेटे कुनाल को जहर दे दिया। बच्चे की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के नाना जगदीश प्रसाद (निवासी फरीदाबाद) ने अलवर के मालाखेड़ा थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने साफ आरोप लगाया कि उनके नवासे की हत्या उसके पिता ने ही की है।



पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गंभीरता से जांच की। साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी मामचंद को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह और 26 दस्तावेज पेश किए। सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया।



नाना ने बताई दिल दहला देने वाली पूरी कहानी

कोर्ट में मृतक के नाना जगदीश प्रसाद ने अपने बयानों में और भी चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि आरोपी मामचंद ने घटना से करीब दो महीने पहले उनकी बेटी और आरोपी की पत्नी रेखा को भी जहर देकर मार डाला था। उस समय गांव के लोगों ने समझौता करा दिया था, इसलिए परिवार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई।



लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुका। पत्नी की मौत के बाद उसके मन में भयानक सनक पैदा हो गई। उसने ठान लिया कि वह अपनी पत्नी की कोई भी निशानी - यानी उसकी औलाद - जिंदा नहीं छोड़ेगा। इसके बाद उसने अपनी दो नाबालिग बेटियों डोली और सोनाक्षी को भृतहरि क्षेत्र में ले जाकर मारने की कोशिश की, लेकिन किस्मत से वे बच गईं। नाना ने बताया कि आरोपी ने बेटे कुनाल को जहर देकर अपनी मंशा को अंजाम दिया।



कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

इन सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अलवर एडीजे कोर्ट ने आरोपी मामचंद को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 1 लाख 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने साफ कहा कि पिता का यह कृत्य मानवता के खिलाफ है और ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।



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