जहां थी जेलर, अब उसी जेल में दिव्या होगी बंदी, दो महीने से थी फरार, महिला कैदियों से घर का काम कराने का आरोप

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 08, 2026, 12:32 IST
जेलर ने कैदियों से करवाया काम
अजमेर जेल की पूर्व जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह दो महीने से ज्यादा समय से फरार थी। उस पर उम्रकैद की सजा काट रहीं दो महिला कैदियों को नियम तोड़कर घर ले जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक कैदियों से घर की सफाई और घरेलू काम करवाया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • दिव्या चौधरी अजमेर सेंट्रल जेल की पूर्व जेलर हैं।
  • मामला 12 जुलाई का है और जेल गार्ड की शिकायत पर 5 अगस्त को FIR दर्ज हुई।
  • मंगलवार देर रात उसे कोटा के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया।
  • बुधवार को अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में उसी जेल में भेज दिया।
  • जेल गार्ड सोनिया चौधरी भी आरोपी है और अभी फरार है।

अजमेर जेल की पूर्व जेलर गिरफ्तार हो गई है। पुलिस ने अजमेर सेंट्रल जेल की पूर्व जेलर दिव्या चौधरी को पकड़ लिया। वह दो महीने से ज्यादा समय से फरार चल रही थी। आरोप है कि जेलर ने उम्रकैद की सजा काट रहीं दो महिला कैदियों को नियमों के खिलाफ अपने घर ले जाकर काम करवाया। यह आरोप अभी पुलिस जांच का हिस्सा है। बुधवार को स्थानीय अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।



जेलर दिव्या चौधरी कोटा से गिरफ्तार कैसे हुई?

दिव्या चौधरी गिरफ्तार हुई मंगलवार देर रात। पुलिस ने उसे कोटा के एक रिहायशी अपार्टमेंट से पकड़ा। अजमेर पुलिस की साइबर सेल से मिले इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई कर उसे हिरासत में लिया और अजमेर लेकर आई। बुधवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया।



खास बात यह है कि अदालत ने उसे उसी जेल में भेजा, जिसकी वह कभी प्रभारी रही। अब Divya Choudhary jailer रहीं इस जेल में आरोपी के रूप में पहुंची है।



महिला कैदियों से घर का काम: पुलिस का आरोप क्या है?

अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के मुताबिक, मामला 12 जुलाई का है। आरोप है कि दिव्या चौधरी ने उम्रकैद की सजा काट रहीं दो महिला कैदियों को जेल से बाहर निकाला। पुलिस का कहना है कि इसके लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। जरूरी दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। जेल में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था। आरोप है कि इसके बावजूद वह दोनों महिलाओं को अपनी निजी कार से बाहर ले गई। पुलिस के मुताबिक, घर पर दोनों से सफाई और घरेलू काम करवाया गया। सवाल यह है कि जेल की सुरक्षा के बीच कैदियों को बाहर ले जाना इतना आसान कैसे हुआ?



विरोध करने वाले जेल गार्ड को धमकी का आरोप

पुलिस के अनुसार, कुछ जेल गार्ड ने कैदियों को बाहर ले जाने का विरोध किया था। आरोप है कि दिव्या चौधरी ने विरोध करने वाले कर्मचारियों को धमकी दी।मामले की शिकायत जेल में तैनात एक गार्ड ने की थी। उसकी शिकायत पर 5 अगस्त को FIR दर्ज हुई। राज्य सरकार से जरूरी अभियोजन स्वीकृति (कार्रवाई की मंजूरी) मिलने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।



दोनों कैदियों को वापस जेल कैसे लाया गया?

घटना के बाद दोनों महिला कैदियों को दिव्या चौधरी के आवास से वापस हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया।



जेल गार्ड सोनिया चौधरी अब भी फरार

मामले में जेल गार्ड सोनिया चौधरी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, उस पर आरोप है कि उसने कैदियों को बाहर ले जाने में दिव्या चौधरी की मदद की। सोनिया चौधरी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।



घटना के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया था। दोनों को बीकानेर सेंट्रल जेल में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने वहां ड्यूटी जॉइन नहीं की। इसके बाद दिव्या चौधरी फरार रही।



अब जांच में क्या देखा जाएगा?

अब नजर इस पर रहेगी कि गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में जाती है। पुलिस यह जांच करेगी कि कैदियों को जेल से बाहर ले जाने में और कौन-कौन शामिल था। यह भी देखा जाएगा कि इस दौरान नियमों का कितना उल्लंघन हुआ।



यह खबर क्यों जरूरी है:



जेल में बंद कैदी सरकारी निगरानी और नियमों के दायरे में रहते हैं। आरोप है कि इन नियमों को जेल की जिम्मेदार अधिकारी ने ही तोड़ा। ऐसे मामले जेल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हैं। कैदियों को बाहर ले जाने की तय प्रक्रिया क्यों जरूरी है, यह भी इससे समझ आता है। जांच में यह साफ होना चाहिए कि इसमें और किसकी भूमिका रही।



FAQs :



  1. दिव्या चौधरी को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया?
    दिव्या चौधरी, जो अजमेर सेंट्रल जेल की पूर्व जेलर हैं, को 5 अगस्त को जेल गार्ड की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने दो महिला कैदियों को नियमों के खिलाफ अपने घर ले जाकर काम करवाया।
  2. कौन-कौन लोग इस मामले में आरोपी हैं और जेल में क्या हुआ?
    इस मामले में दिव्या चौधरी के अलावा जेल गार्ड सोनिया चौधरी भी आरोपी हैं, जो अभी फरार हैं। दिव्या चौधरी को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को स्थानीय अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में उसी जेल भेज दिया, जिसकी वह प्रभारी रह चुकी हैं।
  3. इस मामले की जांच में आगे क्या होगा?
    पुलिस इस मामले में जांच करेगी कि कैदियों को जेल से बाहर ले जाने में और कौन-कौन शामिल था और इस प्रक्रिया के दौरान नियमों का कितना उल्लंघन हुआ।
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