पूर्व विधायक अतर सिंह की हत्या पर उठे सवाल, कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत- गहलोत
भरतपुर में हुई पूर्व विधायक की मौत ने राजस्थान की राजनीति को गर्मा दिया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर चारोतरफ से हमला हो रहा है। इस पर नेताओं के बयान भी सामने आ रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये है।
इसी बीच पूर्व विधायक के पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के बाद हरियाणा के फरीदाबाद के पाली गांव ले जाया गया है। वहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएंगा। पत्नी कमलेश, दोनों बेटियां और परिवार की अन्य महिलाएं पाली रवाना हो गए है।
अशोक गहलोत ने उठाये सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक श्री अतर सिंह भड़ाना की हत्या हो गई। यह राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है। जब एक पूर्व विधायक को दिनदहाड़े 70-80 लोग घेरकर मार दें, तो आम आदमी का तो राम ही रखवाला है इस राज में।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी जताया शोक
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अतरसिंह भड़ाना के निधन पर शोक व्यक्त किया है। देवनानी ने कहा कि अतर सिंह भड़ाना का निधन दुःखी हु। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। देवनानी ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
प्रहलाद गुंजल ने भी पुलिस पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि खतरे की जानकारी पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
गुंजल के अनुसार समय रहते कार्रवाई होती तो घटना रोकी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं। इस तरह प्रहलाद गुंजल पुलिस पर सवाल उठाकर सुरक्षा इंतजाम को कठघरे में ले आए। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
टीकाराम जूली ने मांगी निष्पक्ष जांच
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भड़ाना की मौत पर दुख जताया। टीकाराम जूली निष्पक्ष जांच की मांग के साथ सरकार पर भी बरसे। उन्होंने पूछा कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो रहा। जूली ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और परिवार को न्याय की मांग की।
राजस्थान कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने भी पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि विवाद की जानकारी पहले से थी। फिर भी समय पर सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए।
शर्मा ने पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने दबाव में काम करने की बात भी कही। इन आरोपों पर प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
पूर्व विधायक की हमले में हुई थी मौत
भरतपुर जिले में बयाना पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। रविवार शाम भौंड़ा गांव में उन पर हमला हुआ था। आरोप है कि 70 से 80 लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। क्रेशर प्लांट को लेकर पुराना विवाद इसकी वजह बताया जा रहा है।
क्रेशर चालू कराने पहुंचे थे भड़ाना
पत्नी कमलेश के मुताबिक, भड़ाना रविवार शाम करीब 6:30 बजे भौंड़ा गांव पहुंचे थे। वहां उनकी क्रेशर खनन लीज है। इसी दौरान ग्रामीणों से विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उन पर हमला कर दिया गया।
हमले में उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। अतर सिंह भड़ाना (Atar Singh Bhadana) को गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन उन्हें जयपुर के एसएमएस (SMS – Sawai Man Singh) हॉस्पिटल के लिए रैफर कर दिया गया।
एक साल से बंद था क्रेशर प्लांट
पुलिस के अनुसार, क्रेशर प्लांट करीब एक साल से बंद था। भड़ाना इसे दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहे थे। इसी मुद्दे पर ग्रामीणों और प्लांट संचालक के बीच तनाव था।
चार साल पुराना विवाद कैसे भड़का?
वैर थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, करीब चार साल पहले भी झगड़ा हुआ था। तब भी ग्रामीण और क्रेशर संचालक आमने-सामने थे। क्रेशर तक जाने वाले रास्ते पर भी विवाद चल रहा था।
ग्रामीणों ने चारागाह जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया था। उन्होंने अवैध खनन के आरोप भी लगाए थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच और रिकॉर्ड से होना अभी बाकी है।
धरने के बाद हिंसा
स्थानीय लोग इस मुद्दे पर कई बार धरना दे चुके थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ग्रामीण क्रेशर दोबारा चालू करने का विरोध कर रहे थे। रविवार को यही विवाद हिंसक हो गया।
भौंड़ा गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं।