219 खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाली बैठे, फिर भी हाे रहे हैं डेपुटेशन
समझें क्या है पूरा मामला
- RPSC चयनित 219 खाद्य सुरक्षा अधिकारी पोस्टिंग के इंतजार में।
- विभाग ने 3 लैब टेक्नीशियन को FSO पद पर लगाया।
- कोर्ट आदेश के बाद डेपुटेशन पर हुई नियुक्ति।
- नियमित अधिकारियों और डेपुटेशन कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ा।
- फील्ड पोस्टिंग को लेकर विभाग के फैसले पर नजर।
चिकित्सा विभाग में राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी (RPSC) से चयनित होकर आए 219 खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभी बिना पोस्टिंग के बैठे हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी गई है। इसी बीच 24 जुलाई को विभाग ने 3 लैब टेक्नीशियन को डेपुटेशन पर एफएसओ यानी फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद पर लगा दिया। तीनों को कोर्ट के आदेश से डेपुटेशन पर लगाया गया है। इस घटनाक्रम ने विभाग में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
RPSC से चयनित 219 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अभी फील्ड पोस्टिंग नहीं मिली है। इनका नोटिफिकेशन 14 जुलाई को ही जारी हो चुका है। इसके बावजूद 24 जुलाई को 3 लैब टेक्नीशियन को FSO पद पर डेपुटेशन पर लगाया गया। यह डेपुटेशन कोर्ट के आदेश के आधार पर की गई है। दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं, मामला अभी सुलझा नहीं है।
डेपुटेशन नोटिफिकेशन में क्या लिखा है
डेपुटेशन के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन तीनों लैब टेक्नीशियन को RPSC से चयन के बाद नियमित खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियुक्त होने तक, आगामी आदेश तक FSO के पद पर लगाया जाता है।
हालांकि RPSC से नियमित खाद्य सुरक्षा अधिकारी पहले ही आ चुके हैं और उनका नोटिफिकेशन 14 जुलाई को जारी हो गया था। इसके बावजूद विभाग की तरफ से जारी यह नया आदेश कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं RPSC से चयनित नियमित अधिकारियों को अभी तक फील्ड में नहीं भेजा गया है।
RPSC से चयनित अधिकारियों की नाराजगी
RPSC से चयनित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वे नियमित भर्ती से आए हैं और उनका नोटिफिकेशन 14 जुलाई को ही जारी हो चुका था। उनके अनुसार इसके बावजूद 24 जुलाई को 3 लैब टेक्नीशियन को FSO पद पर लगाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।
उनकी दलील है कि सही प्रक्रिया यह होती कि उनके आने के बाद पहले से डेपुटेशन पर लगे कर्मचारियों को वापस भेजा जाता। उनका मानना है कि विभाग को नियमित अधिकारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी।
लैब टेक्नीशियन का पक्ष भी अहम
वहीं FSO पद पर डेपुटेशन पर नियुक्त हुए लैब टेक्नीशियन रोहित कुमार शर्मा का कहना है कि वे कोर्ट के आदेश से इस पद पर आए हैं। उनके अनुसार वे साल 2023 में इस पद पर लगे थे, लेकिन विभाग ने बिना कारण बताए उन्हें हटा दिया था।
रोहित कुमार शर्मा के मुताबिक उनके खिलाफ कोई मामला नहीं था। इसके बावजूद जबरन हटाए जाने के विरोध में वे कोर्ट गए थे। अब कोर्ट के आदेश पर ही विभाग ने उन्हें डेपुटेशन पर लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके 2023 बैच के कई अन्य कर्मचारी भी अभी FSO पद पर लगे हुए हैं। उनका कहना है कि अगर RPSC से चयनित अधिकारियों के आने के कारण 2023 बैच के अन्य कर्मचारियों को मूल पद पर वापस भेजा जाता है, तो वे भी उसी प्रक्रिया के तहत वापस चले जाएंगे।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला दो पक्षों के बीच उलझा हुआ है। एक तरफ RPSC से नियमित चयन पाए अधिकारी फील्ड पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के आदेश से डेपुटेशन पर लगे कर्मचारी भी अपनी जगह कानूनी रूप से मजबूत नजर आ रहे हैं।
विभाग की तरफ से अभी तक इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विभाग नियमित अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग कब देता है और डेपुटेशन से जुड़े मामलों में क्या रुख अपनाता है।
ये खबर भी पढे़:-
बिना बिजली के 6 हजार स्कूल, बिना बच्चों के 140 स्कूल, UDISE रिपोर्ट में खुलासा
गुड टच-बैड टच ने खोला राज, छात्रा ने बताई शिक्षकों की करतूत, दो टीचर सस्पेंड
कारगिल के बाद शुरू हुई शहीद प्रतिमाओं की अनूठी परंपरा, देवता की तरह होती है पूजा
पहले धर्म परिवर्तन कराया, फिर सीलिंग से बचाया, अब कर दिया एससी की जमीन का सौदा