गालाबेरी पंचायत में 4 बार हुई रिकाउंटिंग, फिर भी बराबर रहा स्कोर, जानें कैसे तय हुआ विजेता
मैदान में आमने-सामने उतरीं दो प्रमुख महिला प्रत्याशियों महदू देवी और पूनम कुमारी के बीच यह कड़ा मुकाबला हुआ था। मतगणना पूरी होने पर दोनों के खाते में बराबर 614-614 वोट आए। इस नतीजे से मतगणना केंद्र पर मौजूद अधिकारी और एजेंट भी हैरान रह गए।
गालाबेरी पंचायत चुनाव का पूरा गणित और आंकड़े
गालाबेरी ग्राम पंचायत (Galaberi Gram Panchayat) इस बार महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित थी, जहां मुख्य मुकाबला महदू देवी (पत्नी अचलाराम) और पूनम कुमारी (पत्नी दुर्गेश कुमार) के बीच था। जब मतदान संपन्न होने के बाद मतों की गिनती शुरू हुई, तो आंकड़े इस प्रकार आए:
- कुल पंजीकृत मतदाता: 1,359
- कुल पड़े वोट: 1,253
- निरस्त वोट: 22
- नोटा (NOTA): 3 वोट
- महदू देवी को मिले वोट: 614
- पूनम कुमारी को मिले वोट: 614
वैध मतों की गणना पूरी होने पर जब दोनों ही उम्मीदवारों को बिल्कुल बराबर 614-614 वोट मिले, तो मतगणना केंद्र पर सन्नाटा छा गया और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
चार बार हुई पुनर्मतगणना, लेकिन एक भी वोट का अंतर नहीं आया
हार-जीत का फैसला स्पष्ट करने और किसी भी तरह की तकनीकी गलती से बचने के लिए चुनाव नियमों के तहत तुरंत रिकाउंटिंग (पुनर्मतगणना) के निर्देश दिए गए। रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में एक-एक वोट की दोबारा जांच की गई।
लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही किएक के बाद एक कुल चार बार रिकाउंटिंग करवाई गई, मगर दोनों ही प्रत्याशियों का स्कोर टस से मस नहीं हुआ। चारों बार गिनती बिल्कुल सटीक बैठी और दोनों को 614-614 वोट ही मिले।
आखिरकार लॉटरी से तय हुआ सरपंच
जब चार बार की गई पुनर्मतगणना के बाद भी वोटों की संख्या में कोई अंतर नहीं आया, तब पंचायती राज चुनाव के विशेष प्रावधानों व नियमों का सहारा लिया गया। ऐसी स्थिति में कानूनन 'ड्रा ऑफ लॉट्स' यानी लॉटरी (पर्ची सिस्टम) के जरिए विजेता चुनने का प्रावधान है।
प्रशासनिक अधिकारियों, दोनों प्रत्याशियों और उनके अधिकृत एजेंटों की मौजूदगी में दो अलग-अलग पर्चियां बनाकर एक बॉक्स में डाली गईं। इसके बाद जब पारदर्शिता के साथ लॉटरी निकाली गई, तो उसमें पूनम कुमारी का नाम निकला।
निर्वाचन अधिकारी ने तुरंत पूनम कुमारी (Poonam Kumari) को गालाबेरी ग्राम पंचायत का विजयी सरपंच घोषित कर दिया और उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। इस रोमांचक फैसले के साथ ही बाड़मेर का यह चुनाव स्थानीय राजनीति में एक अनूठा इतिहास बन गया।
सरपंच पूनम कुमारी के समर्थकों में जश्न
लॉटरी का नतीजा आते ही पूनम कुमारी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह मुकाबला बाड़मेर के सबसे चर्चित पंचायत चुनावों में गिना जा रहा है।
पता चली एक-एक वोट की कीमत
ऐसे नतीजे बताते हैं कि पंचायत चुनाव में एक-एक वोट कितना मायने रखता है। साथ ही यह भी दिखता है कि बराबरी की स्थिति में नियम के मुताबिक लॉटरी से फैसला होना एक तय प्रक्रिया है। लेकिन हर ऐसे मामले में पारदर्शिता बनाए रखना सबसे जरूरी है।
FAQs
- गालाबेरी पंचायत चुनाव में महदू देवी और पूनम कुमारी के बीच मतों की संख्या क्या रही?
गालाबेरी पंचायत चुनाव में महदू देवी और पूनम कुमारी दोनों को बराबर 614-614 वोट मिले। - गालाबेरी पंचायत चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के मत समान थे, तो विजेता कैसे तय किया गया?
मतों में समानता के कारण, विजेता का निर्णय 'ड्रा ऑफ लॉट्स' यानी लॉटरी के जरिए किया गया, जिसमें पूनम कुमारी का नाम निकला। - गालाबेरी पंचायत चुनाव परिणाम का स्थानीय राजनीति में क्या महत्व है?
यह चुनाव परिणाम यह दर्शाता है कि पंचायत चुनाव में एक-एक वोट की कितनी अहमियत होती है और इसने लॉटरी के माध्यम से निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया।