गहलोत का तीखा हमला, जनता के सवालों का जवाब नहीं, तो विपक्ष पर लगा रहे विदेशी ताकतों का ठप्पा
वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करने और राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिल करने के भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के आरोप पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार किया है।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि सवालों से डरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अब चुनाव आयोग का वकील बनना पड़ रहा है। हम पहले से कहते आ रहे हैं कि भाजपा और आरएसएस लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते। आज इन्होंने खुद यह साबित कर दिया।
गहलोत ने लिखा है कि विपक्ष का आंदोलन इनके लिए देश को अस्थिर करने की साजिश हो गया, जबकि विपक्ष में रहते हुए भाजपा खुद सड़कों पर उतरती थी। तब कौन सी विदेशी ताकत थी, और आज कौन सी है? गहलोत ने कहा कि जिन्होंने आजादी की लड़ाई में उंगली तक नहीं कटाई, वे आज लोकतंत्र की आवाज उठाने वालों को देश-विरोधी साबित करने निकले हैं। इनकी जितनी निंदा की जाए कम है।
सत्ताधारी पार्टी ही देश में तनाव बढ़ा रही
गहलोत ने लिखा कि राहुल गांधी ने तो कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली। जो व्यक्ति देश को जोड़ने की बात कर रहा है, आप उसी पर उंगली उठा रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है। देश ने शायद ही कभी देखा हो कि सत्ताधारी पार्टी खुद ही लोकतांत्रिक विरोध को बदनाम करके देश में तनाव बढ़ाने का काम करे।
पहले विपक्षी सांसदों को रोका,आज दिल्ली को छावनी बना दिया
गहलोत ने लिखा कि, लोकसभा में राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने नहीं दिया गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग और जंतर-मंतर जाने से रोका गया और उनके साथ बदसलूकी की। अब दिल्ली को छावनी बना दिया गया है। 75 ट्रेनें रद्द हैं, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद हैं, नई दिल्ली के बड़े हिस्से में इंटरनेट बंद है और स्कूलों की परीक्षाएं तक रद्द करनी पड़ी हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अब तक देश के सामने आकर जवाब देने से बच रहे हैं।
केंद्र सरकार और भाजपा विदेशी ताकतों के सामने सरेंडर
गहलोत ने लिखा कि,जब हर सवाल पर विपक्ष पर अर्बन नक्सल और विदेशी ताकतों का ठप्पा लगाना पड़े, तो समझ लेना चाहिए कि जनता के सवालों का जवाब देने के लिए कुछ बचा नहीं है। ये विपक्ष के पीछे विदेशी ताकत होने का आरोप लगा रहे हैं पर सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार और भाजपा विदेशी ताकतों के सामने पूरी तरह सरेंडर है। जिसका एक उदाहरण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के बयानों और भारत पर लगाए जा रहे टैरिफ,वीजा नीतियों आदि से बार-बार दिखता है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, कोई अपराध नहीं। भाजपा आज अपने ही रवैये से बेनकाब हो चुकी है।