डोटासरा का आरोप: CMO बना रहा DM-SDM पर दबाव, कांग्रेस दावेदारों को डरा रहे
समझें क्या है पूरा मामला
- पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा बोले- CMO बना रहा DM-SDM पर दबाव।
- उन्होंने अधिकारियों पर कांग्रेस दावेदारों को धमकाने का गंभीर आरोप लगाया।
- डोटासरा ने कहा कि भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवारों का टोटा है।
- डोटासरा ने सीधे मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि ये कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
- उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वो दायरे में रहकर काम करें।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि डीएम-एसडीएम पर दबाव बनाया जा रहा। कांग्रेस दावेदारों को धमकाने का आरोप भी लगाया गया। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से सवाल पूछे हैं।
CMO पर दबाव बनाने का आरोप
पीसीसी चीफ ने डोटासरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों का दुरुपयोग किया जा रहा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा।
उन्होंने अपने पोस्ट में सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान CMO के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई।
डीएम-एसडीएम पर बनाया जा रहा दबाव: डोटासरा
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्य़क्ष गोविंद सिंह का आरोप है कि राज्य का मुख्यमंत्री कार्यालय अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहा। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया में लगे जिला कलेक्टर यानी DM और उपखंड अधिकारी यानी SDM जैसे शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों पर निष्पक्ष काम न करने का दबाव डाला जा रहा है।
डोटासरा का कहना है कि प्रशासनिक तंत्र को निष्पक्ष तौर रूप से काम करने देने के बजाय राजनीतिक हितों के लिहाज से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही, जो सीधे तौर पर चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
डोटासरा ने कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों को धमकाने का लगाया आरोप
डोटासरा ने आरोप लगाया कि चुनाव मैदान में भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवारों का टोटा पड़ा हुआ। उनका दावा है कि अधिकारियों के माध्यम से भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के फॉर्म मांगे जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में किस्मत आजमा रहे कांग्रेस के मजबूत दावेदारों और उनके परिवारजनों को डराने-धमकाने का काम किया जा रहा है, ताकि वे नामांकन वापस ले लें या चुनावी मुकाबले से हट जाएं।
डोटासरा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे सवाल पूछा कि राजस्थान जैसे शांतिप्रिय राज्य में यह किस प्रकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की जा रही है।
उनके मुताबिक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना शासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन वर्तमान में निष्पक्षता को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले निकाय चुनाव में मतदाता इसका माकूल जवाब देंगे।
डोटासरा के ट्वीट से चढ़ा सियासी पारी
डोटासरा के इन आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तीखी होने के आसार बन गए हैं। एक तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उठाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक महकमे और भाजपा खेमे की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
FAQ
- राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने CMO पर क्या आरोप लगाया?
उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री कार्यालय DM-SDM जैसे प्रशासनिक अधिकारियों पर निष्पक्ष काम न करने का दबाव बना रहा है। उनके मुताबिक इससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। - निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस दावेदारों को लेकर डोटासरा ने क्या आरोप लगाए?
पीसीसी चीफ डोटासरा का दावा है कि नगर निकाय चुनाव में उतर रहे कांग्रेस दावेदारों और उनके परिवारजनों को धमकाया जा रहा, ताकि वे नामांकन वापस ले लें। - डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से क्या सवाल पूछा?
उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा से पूछा कि राजस्थान में किस तरह की लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाई जा रही है। उनके मुताबिक निष्पक्ष चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा।
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