25 लाख रिश्वत मामले में जीएसटी अधीक्षक गिरफ्तार, कुत्ते के साथ फोटो ने फेल किया एसीबी से बचने का प्लान
समझें क्या है पूरा मामला
- 25 लाख की रिश्वत मामले में गिरफ्तारी
- कुत्ते की फोटो ने फेल किया प्लान
- जीएसटी अधीक्षक सांवल राम गिरफ्तार
- दो दलाल भी भेजे गए जेल
- घर से मिले 17 लाख नकद और सोना
जयपुर में 25 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में जीएसटी अधीक्षक सांवल राम को एसीबी ने गिरफ्तार किया है। वह रिश्वत लेने के बाद एसीबी से बचने की तैयारी में था। लेकिन श्वान के साथ उसकी एक फोटो ने पूरा प्लान फेल कर दिया।
एसीबी टीम के पास आरोपी का चेहरा तक नहीं था। मुख्यालय से निगरानी कर रहे डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने श्वान के साथ खेलते हुए आरोपी की फोटो टीम को भेजी। इसी फोटो से उसकी पहचान हुई। मंगलवार को सुकेत में उसे दबोच लिया गया।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
एसीबी के अनुसार रिश्वत की रकम लेने के लिए दलाल के संपर्क में रहने के दौरान सांवल राम सोमवार को उदयपुर से झालावाड़ चला गया। वह रात वहीं रुका। मंगलवार को उदयपुर लौटते समय उसकी लोकेशन सुकेत में मिली।
टीम ने पहले दलाल को पकड़ा। इसके बाद फोटो के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उदयपुर स्थित आरोपी के आवास की तलाशी ली गई। इसमें 17 लाख रुपए नकद बरामद हुए।
इसके अलावा करीब 17 लाख रुपए कीमत के सोने के जेवर मिले। 75 हजार रुपए कीमत की चांदी के जेवर भी बरामद हुए। यह बरामदगी जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
तीनों आरोपी जेल भेजे गए
25 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। इनमें सीजीएसटी (CGST – Central Goods and Services Tax) अधीक्षक सांवल राम शामिल हैं। इसके अलावा दोनों दलाल अनिल पारीक और सुशील पारीक भी गिरफ्तार हुए हैं।
एसीबी ने बुधवार देर शाम तीनों को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने आरोपियों को 14 अक्टूबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। अब तीनों जेल में हैं।
आमने-सामने बैठाकर पूछताछ
जीएसटी अधीक्षक सांवल राम और दलाल अनिल पारीक से रिश्वत की बातचीत को लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। एसीबी ने दिनभर आरोपियों से पूछताछ की।
इसके बाद दोनों को बुधवार देर शाम न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एसीबी अब इन जानकारियों की जांच कर रही है।
60 लाख लेने का आरोप
परिवादी ने एसीबी को बताया कि अधिकारी ने दलाल के जरिए पहले भी 60 लाख रुपए ले लिए हैं। एसीबी इसकी जांच करेगी। परिवादी से भी 60 लाख के संबंध में सबूत मांगे गए हैं।
परिवादी के अनुसार उसकी दो रजिस्टर्ड फर्म हैं। एक की रिकवरी राशि नहीं निकालने, शो-कॉज नोटिस और सम्मन के निस्तारण के बदले रिश्वत मांगी गई। दूसरी फर्म का खाता एक्टिव करने के लिए भी रकम मांगी गई।
अधिकारी दलाल के जरिए 60 लाख रुपए मांग रहे थे। पहली किश्त के 25 लाख रुपए देने के लिए परिवादी को परेशान किया जा रहा था। इसी सिलसिले में यह कार्रवाई हुई।
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला एक सरकारी अधिकारी पर रिश्वत लेने के आरोप से जुड़ा है। एसीबी ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकद और सोना बरामद हुआ।
इससे साफ है कि मामला गंभीर है। अब जांच में यह भी सामने आएगा कि 60 लाख की रिश्वत का मामला क्या है। साथ ही यह भी पता चलेगा कि इसमें और कौन-कौन शामिल था।