हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत, कुचेरा एफआईआर पर लगी अंतरिम रोक
राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) की जोधपुर पीठ ने सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) को नागौर के कुचेरा थाने में दर्ज एफआईआर पर अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जज फरजंद अली की एकलपीठ ने बेनीवाल की याचिका पर यह आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है। सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है। इससे बेनीवाल को बड़ी राहत मिली है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुचेरा में हुई एक राजनीतिक सभा से जुड़ा है। इसमें निषेधाज्ञा (Model Code of Conduct) के उल्लंघन का आरोप है।
उप-निरीक्षक मुकेश कुमार की शिकायत पर 4 मई 2024 को एफआईआर दर्ज हुई थी। यह आईपीसी की धारा 143, 147, 283 और 188 के तहत दर्ज की गई थी। इन धाराओं में गैरकानूनी सभा और निषेधाज्ञा उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।
वकीलों ने क्या कहा?
बेनीवाल के वकीलों ने अदालत को बताया कि यह मामला राजनीतिक प्रदर्शन का है। इसमें हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई आरोप नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था। ऐसे में इसे आपराधिक मामला बनाना उचित नहीं है। अदालत ने इन तर्कों को गंभीरता से सुना और अंतरिम राहत दी।
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र में नागरिकों का अधिकार है। इसे आपराधिक मामले के रूप में देखना ठीक नहीं है। अदालत ने सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है।
अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक बेनीवाल के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। यह राहत उन्हें तीन सप्ताह के लिए मिली है। इस दौरान सरकार और पुलिस को अपना पक्ष रखना होगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह फैसला लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। अदालत ने साफ किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन अपराध नहीं है। इससे आम नागरिकों को भी संदेश जाता है।
साथ ही यह फैसला राजनीतिक मामलों में अदालत की भूमिका को भी दिखाता है। अब देखना जरूरी है कि अगली सुनवाई में सरकार और पुलिस क्या जवाब देती है। फिलहाल बेनीवाल को बड़ी राहत मिली है।