हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा नोटिस, 7 दिन में माफी मांगने की मांग
News In Short
- हनुमान बेनीवाल ने भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ को भेजा मानहानि का नोटिस।
- राठौड़ के सामाजिक बहिष्कार वाले बयान पर भड़के सांसद हनुमान बेनीवाल।
- बेनीवाल का आरोप-विपक्षी नेता को प्रताड़ित करने के लिए सरकारी रसूख का हो रहा दुरुपयोग।
- नोटिस में पूछा-विधायक रेवंतराम डांगा के विधायक निधि घोटाले पर राठौड़ मौन क्यों।
- सात दिन में माफी न मांगने पर सिविल व आपराधिक मानहानि मुकदमे की चेतावनी
News In Detail
राजस्थान में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और भाजपा के बीच सियासी तनाव अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें 7 दिन में माफी नहीं मांगने पर मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी है।
सामाजिक बहिष्कार के बयान पर आपत्ति
नोटिस के अनुसार 30 मई, 2026 को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सार्वजनिक रुप से हनुमान बेनीवाल का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्रान किया था।
नोटिस में कहा है कि राठौड़ ने बेनीवाल का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्रान लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक जुड़ाव की बुनियाद के विपरीत है।
राठौड़ राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद हैं। इसलिए उनके कहे का आमजन पर प्रभाव होता है और इससे बेनीवाल की सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है।
राजनीतिक पद के दुरुपयोग का आरोप
नोटिस में कहा है कि मदन राठौड़ सत्ताधारी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा सांसद हैं। रसूखदार पद पर होने के बावजूद वह एक प्रमुख विपक्षी नेता को राजनीतिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
नोटिस में भाजपा पर चयनात्मक नैतिकता (Selective Morality) का आरोप लगाया है। इसमें कहा है कि राठौड़ एक ओर तो बेनीवाल को निशाना बना रहे हैं,जबकि दूसरी ओर अपनी पार्टी के विधायक रेवंतराम डांगा पर लगे विधायक निधि (MLA-LAD) फंड की अनियमितताओं के आरोपों पर चुप हैं।
नोटिस में बेनीवाल की सुरक्षा घेरे में की गई कटौती को राठौड़ के बयानों से जोड़ते हुए इसे एक शत्रुतापूर्ण और डराने वाला माहौल बनाने की कोशिश बताया है।
महिलाओं के प्रति आचरण पर उठाए सवाल
नोटिस में महिला सशक्तिकरण को लेकर भाजपा के दावों पर भी निशाना साधा है। नोटिस में कुछ रिपोर्टों और वीडियो का हवाले से आरोप लगाया है कि महिला पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति मदन राठौड़ का आचरण ठीक नहीं रहा है। यह उनके सार्वजनिक दावों के मुकाबले घोर पाखंड को दर्शाता है।
7 दिनों में माफी की मांग
बेनीवाल ने कानूनी नोटिस के जरिए मदन राठौड़ से फौरन बेनीवाल के विरुद्ध ऐसे भड़काऊ बयान देना बंद करने और सात दिनों में बिना शर्त,स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ सिविल और आपराधिक मानहानी की कार्यवाही शुरु करने की चेतावनी दी है।
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