संविदा स्वास्थ्य अधिकारियों के बारे में नहीं भेजी सूचना, नियमितीकरण का काम रुका
ऐसे समझें पूरा मामला
- राजस्थान में एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित करने का काम अटका।
- आठ जिलों ने इस अधिकारियों के बारे में कोई सूचना ही मुख्यालय को नहीं भेजी।
- एनएचएम मुख्यालय इन जिलों से तीन बार पहले भी मांग चुका है जानकारी।
- मुख्यालय ने अब दिया अल्टीमेटम, दो दिन में सूचना नहीं भेजी तो होगा एक्शन।
Jaipur: राजस्थान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
स्थिति यह है कि प्रदेश के 8 जिलों ने अब तक संविदाकर्मियों ने स्वास्थ्य मुख्यालय को जरूरी सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। इससे इन अधिकारियों को नियमित करने की प्रक्रिया ठहर गई है।
अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परियोजना निदेशक संतोष कुमार गोयल ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 8 जिलों को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है।
गोयल ने कहा है कि दो दिन के भीतर पात्र संविदा कार्मिकों की संशोधित सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
3 और 5 साल की सेवा पूरी करने वाले होंगे लाभान्वित
राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स, 2022 के तहत जिन संविदा कार्मिकों ने 03 और 05 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर ली है, वे नियमित होने का लाभ पाने के पात्र हैं।
इसके तहत मुख्य रूप से संविदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संवर्ग के पात्र कार्मिकों की संशोधित सूचियां तैयार की जानी हैं। लेकिन जिला स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई के कारण सैकड़ों कर्मियों का मामला अधर में है।
इन 8 जिलों ने नहीं भेजी सूचना
मुख्यालय ने जिन जिलों को अल्टीमेटम दिया है, उनमें भीलवाड़ा, डूंगरपुर, झुंझुनूं, जोधपुर (प्रथम व द्वितीय), खैरथल-तिजारा, सीकर और उदयपुर (प्रथम व द्वितीय) जिले शामिल हैं।
इससे पहले भी मुख्यालय लगातार तीन बार इन जिलों से संशोधित सूचियां मांग चुका है। लेकिन कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसे विभाग ने अब अनुशासनहीनता और घोर लापरवाही माना है।
लापरवाही पर सीएमएचओ होंगे जिम्मेदार
मुख्यालय ने अंतिम अल्टीमेटम में यह भी स्पष्ट कहा कि यदि इस बार भी सूचना भेजने में किसी प्रकार का विलंब होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिले के सीएमएचओ की होगी।
आदेश में सूचना नहीं भेजने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधकों से भी कहा है कि वे समन्वय कर इस कार्य को समय-सीमा में पूरा करवाएं।
ये खबर भी पढ़े:-
आंगनवाड़ी आंदोलन जयपुर पहुंचा, 1 सप्ताह से हड़ताल, सरकार को अल्टीमेटम
सड़कों पर लगातार जा रही लागों की जानें, एक्सप्रेसवे पर गड़करी का रियलिटी टेस्ट
एक्सप्रेसवे पर हादसों का कारण तलाशने निकले गडकरी, अफसरों को ये दिए निर्देश
पांचना बांध विवाद ने फिर पकड़ा तूल, रोडवेज बसों का संचालन बंद