पार्षद बनीं महिलाएं, कुर्सी संभालने पहुंचे पति-ससुर, निगम बैठक में दिखा अलग नजारा

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 07, 2026, 11:32 IST
​आरक्षण से पार्षद बनीं महिलाएं, बैठक में पति-ससुर ने संभाली जिम्मेदारी​
जयपुर नगर निगम की पहली बैठक में कई महिला पार्षद नहीं पहुंचीं। उनकी जगह परिवार के लोग बैठक में मौजूद रहे। महापौर सुनील कोठारी ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि आगे होने वाली बैठकों में पार्षद खुद मौजूद रहें। एक महिला पार्षद बैठक में आईं थीं लेकिन उनके पति भी साथ बैठे रहे।

जयपुर नगर निगम की पहली जोन बैठक में महिला पार्षदों की जगह उनके परिवार के लोगों के पहुंचने पर सवाल खड़े हो गए। विद्याधर नगर जोन की बैठक में दो महिला पार्षद खुद नहीं पहुंचीं। उनकी जगह पति और ससुर बैठक में मौजूद रहे। एक अन्य महिला पार्षद बैठक में आईं थीं लेकिन उनके पति भी साथ बैठे रहे।



यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि जयपुर नगर निगम के 150 में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यानी इन वार्डों में जनता ने महिला पार्षदों को अपना प्रतिनिधि चुना है। अब पहली बैठक में ही उनकी जगह परिवार के लोगों के बैठने से महिला पार्षदों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे। मेयर सुनील कोठारी ने कहा है कि आगे से बैठकों में केवल चुने हुए पार्षद ही मौजूद रहें, इसके लिए साफ निर्देश दिए जाएंगे।



जयपुर नगर निगम की पहली बैठक में 2 महिला पार्षद नहीं पहुंचीं

मंगलवार को विद्याधर नगर जोन की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सफाई, सीवर, स्ट्रीट लाइट, राजस्व और दीपावली की तैयारियों पर बात होनी थी। मेयर सुनील कोठारी ने पार्षदों और अधिकारियों को बैठक में बुलाया था। बैठक दो घंटे से ज्यादा चली। इसी दौरान महिला पार्षदों की जगह उनके परिवार के लोगों की मौजूदगी चर्चा में आ गई।




वार्ड 8 की पार्षद की जगह पति पहुंचे

वार्ड 8 से निर्दलीय पार्षद मंजू शर्मा बैठक में नहीं आईं। उनके पति बैठक में मौजूद रहे। वार्ड 8 महिलाओं के लिए सामान्य सीट है। 2026 के नगर निगम चुनाव में मंजू शर्मा यहां से चुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं।



वार्ड 18 की पार्षद की जगह ससुर ने रखे मुद्दे

वार्ड 18 से कांग्रेस पार्षद वंदिता शर्मा भी बैठक में नहीं पहुंचीं। उनकी जगह उनके ससुर बैठक में आए। उन्होंने बताया कि बहू वंदिता के पैर में चोट लगी है। इसी कारण वह बैठक में नहीं आ सकीं। ससुर ने बैठक में वार्ड से जुड़े मुद्दे भी रखे। उन्होंने व्यापारियों के होर्डिंग और पोस्टर पर होने वाले चालान कम करने की बात कही। सड़कों के गड्ढे और सफाई कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा भी उठाया।




पार्षद पूनम तिवाड़ी के साथ बैठक में बैठे पति

वार्ड 7 से कांग्रेस पार्षद पूनम तिवाड़ी खुद बैठक में पहुंचीं। हालांकि उनके पति भी उनके साथ बैठक में मौजूद रहे। ये वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। पूनम तिवाड़ी के पति ने बताया कि यह उनकी पत्नी की नगर निगम की पहली बैठक थी। इसलिए वह उन्हें यह समझाने के लिए साथ आए थे कि बैठक में वार्ड और विकास से जुड़े मुद्दे किस तरह रखे जाते हैं।



मेयर कोठारी बोले-अब जारी करेंगे साफ निर्देश

महिला पार्षदों के परिवार के लोगों के बैठक में बैठने पर जयपुर के मेयर सुनील कोठारी ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए आरक्षण दिया गया है। बैठक में कुछ पार्षदों के पति पहले से बैठे हुए थे। ऐसे में उन्हें उसी समय उठाना ठीक नहीं लगा। मेयर ने कहा कि आगे होने वाली बैठकों के लिए साफ निर्देश जारी किए जाएंगे। बैठक में चुने हुए पार्षद ही मौजूद रहें, इसका ध्यान रखा जाएगा।




150 में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए

जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में कुल 150 वार्डों में से 50 महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए थे। इनमें 31 सामान्य महिला, 10 OBC महिला, 7 SC महिला और 2 ST महिला वार्ड शामिल हैं। यानी नगर निगम की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए तय की गईं। इसके अलावा नगर निगम में कुल 30 वार्ड OBC, 20 SC और 6 ST के लिए तय किए गए थे। सामान्य वर्ग के कुल 94 वार्ड थे। इनमें 31 महिलाओं के लिए और 63 ओपन रखे गए थे।



सवाल महिला पार्षदों की भूमिका का

महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित करने का मकसद यह है कि वे खुद स्थानीय राजनीति और नगर निगम के फैसलों में हिस्सा लें। वार्ड की जनता भी चुनाव में महिला उम्मीदवार को अपना प्रतिनिधि चुनती है।



ऐसे में निगम की आधिकारिक बैठक में पार्षद की जगह पति, ससुर या किसी दूसरे परिजन के बैठने से सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि विद्याधर नगर जोन की बैठक में परिवार के लोगों ने अपनी मौजूदगी की अलग-अलग वजह बताई। एक पार्षद के पैर में चोट होने की बात कही गई। वहीं दूसरी पार्षद के पति ने पहली बैठक होने के कारण साथ आने की बात कही।



अब मेयर ने आगे से केवल चुने हुए पार्षदों को बैठक में बैठाने की बात कही है। ऐसे में अगली जोन बैठकों में इस निर्देश का पालन किस तरह होता है, इस पर नजर रहेगी।




Tags:
  • जयपुर नगर निगम
  • महिला पार्षद
  • पार्षद प्रतिनिधि
  • पति-ससुर
  • निगम बैठक
  • महिला आरक्षण
  • महापौर
  • Jaipur Municipal Corporation
  • Women Councillors
  • Political Representation