जग्गी वासुदेव के भक्त IAS अंबरीश एपीओ, बिना मंजूरी गए थे विदेश
समझें क्या है पूरा मामला
- सद्गुरु जग्गी वासुदेव को गुरू मानने वाले आईएएस अंबरीश कुमार एपीओ।
- सरकार की मंज़ूरी मिले बिना ही विदेश यात्रा पर जाने से थे विवाद में।
- किसी भी अधिकारी को विदेश यात्रा पर जाने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी।
- अंबरीश की जगह अक्षय ऊर्जा निगम के CMD रोहित गुप्ता को बनाया खाद्य सचिव।
- सरकारी बैठक में अफ़सरों को ईशा फ़ाउंडेशन के कोर्स करने का दे चुके हैं आदेश।
राजस्थान कैडर के सीनियर आईएएस अंबरीश कुमार को एपीओ कर दिया गया है। वे सरकार से मंजूरी लिए बिना ही विदेश दौरे पर चले गए थे।
अंबरीश कुमार वर्तमान में राजस्थान में खाद्य विभाग के सचिव हैं। उनकी जगह अक्षय उर्जा निगम के सीएमडी डॉ रोहित गुप्ता को खाद्य विभाग के सचिव का अतिरिक्त चार्ज दिया है।
विदेश दौरे के लिए अनुमति जरूरी
राजस्थान में सरकारी कर्मचारी और अफसर सरकार से बिना मंजूरी विदेश नहीं जा सकते। उन्हें ऐसा करने से पहले अनुमति जरूरी होती है।
अंबरीश कुमार कार्मिक विभाग से मंजूरी लिए बिना ही विदेश दौरे पर चले गए थे। यह मामला उनके लौटने पर उजागर हो गया।
बताया जाता है कि अंबरीश कुमार ने कार्मिक विभाग को विदेश यात्रा जाने के लिए मंजूरी के लिए आवेदन किया था। लेकिन उच्च स्तर से मंजूरी नहीं मिली थी। बिना मंजूरी विदेश जाने यात्रा पर अब सरकार ने उनके खिलाफ एक्शन लिया है।
रोचक बात यह है कि अंबरीश कुमार की विदेश यात्रा के कारणों को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
धार्मिक फाउंडेशन से जुड़ने का फरमान सुनाया था
ईशा फाउंडेशन से जुड़े अंबरीश कुमार मई के महीने में भी विवादों में आ गए थे। खाद्य विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पांच मई को वर्कशॉप थी। इसमें उन्होंने अफसरों और कर्मचारियों को ईशा फाउंडेशन और लैंडमार्क फोरम से जुड़ने को कहा था।
बैठक में 4 हजार से 26 हजार का कोर्स करने के निर्देश दिए थे। बताया जाता है कि उन्होंने सरकारी वर्कशॉप में इन संस्थाओं से जुड़े मोटिवेशनल स्पीकर्स के सेशन भी करवाए। इस वर्कशॉप में खाद्य विभाग के करीब 300 से ज्यादा अफसर मौजूद थे।
जग्गी वासुदेव को मानते हैं गुरू
2004 बैच के आईएएस अधिकारी अंबरीश कुमार ईशा फाउंडेशन में साल 2020 में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं।
अंबरीश कुमार ने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में एनसिम कॉर्पोरेशन में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में काम किया।
साल 2000 में नौकरी छोड़कर वापस भारत आए। वर्ष 2004 में आईएएस बन गए। ईशा फाउंडेशन में डेपुटेशन पर रहने के दौरान उन्होंने सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) को अपना गुरु बताया था।
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