अवैध खनन का मामला: मंत्री किरोड़ी सीधे ACS अखिल अरोड़ा के घर पहुंचे, विपक्ष ने उठाए सवाल

Ashish Bhardwaj | May 13, 2026, 22:29 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में अवैध खनन का मामला इतना बढ़ गया है कि मंत्री को इसकी शिकायत करने के लिए सीधे मुख्यमंत्री के एसीएस के घर पहुंचना पड़ा। कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

News In Short

  • धौलपुर में अवैध खनन को लेकर मंत्री किरोड़ी लाल सीधे ACS अखिल अरोड़ा के घर पहुंचे।
  • मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अवैध खनन के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर खासे नाराज थे।
  • मंत्री ने ACS को धौलपुर की जमीनी हकीकत से कराया रूबरू, बोले—एक्शन क्यों नहीं।
  • मंत्री का किसी ब्यूरोक्रेट के घर जाकर इस तरह की मांग रखना असामान्य मामला।
  • कांग्रेस ने इस मामले के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए बड़े सवाल।

News In Detail

​Jaipur: राजस्थान में अवैध खनन मामले को लेकर मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का मुख्यमंत्री के एसीएस अखिल अरोड़ा के घर पहुंचने का मामला तूल पकड़ रहा है। सरकार के भीतर इस तरह का यह पहला वाकया माना जा रहा है, जिसने प्रशासनिक समन्वय और सरकार की कार्यशैली पर नई चर्चा छेड़ दी है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।



​क्या है पूरा मामला?

​सूत्रों के मुताबिक धौलपुर जिले में लंबे समय से चंबल के बीहड़ों और वन्यजीव क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के कुछ रसूखदार अधिकारियों के संरक्षण में यह काला कारोबार फल-फूल रहा है।



मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अपनी बेबाक कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं, इस मामले में कार्रवाई न होने से खासे नाराज थे। अवैध खनन के इस जाल को तोड़ने और दोषी अधिकारियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से डॉ. मीणा बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के एसीएस अखिल अरोड़ा के निवास पर पहुंचे।



उन्होंने ACS को धौलपुर की जमीनी हकीकत से रूबरू कराते हुए उन अधिकारियों की सूची और साक्ष्य सौंपे, जिनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।



​माना असामान्य मुलाकात

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक कैबिनेट मंत्री का किसी ब्यूरोक्रेट के घर जाकर इस तरह की मांग रखना राज्य की राजनीति में असामान्य संकेत है। आमतौर पर मंत्रियों और अधिकारियों के बीच इस तरह के संवाद सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) या आधिकारिक बैठकों के माध्यम से होते हैं।



​मुलाकात के दौरान मंत्री मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धौलपुर में माफियाओं का बोलबाला है और स्थानीय तंत्र की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार मुमकिन नहीं है। उन्होंने पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए संकेत दिए कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे इस मुद्दे को सार्वजनिक मंच पर ले जाने और बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।



राजनीतिक हलचल और विपक्ष का हमला

​इस घटनाक्रम के बाद सचिवालय में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जहां सत्ता पक्ष के कुछ लोग इसे मंत्री की सक्रियता के रूप में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इसे सरकार के भीतर अंतर्कलह और अविश्वास का प्रतीक बताया है।



कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि जब मंत्रियों को अपनी बात मनवाने के लिए अफसरों के घरों के चक्कर काटने पड़ रहे हों, तो समझा जा सकता है कि सरकार में समन्वय की कितनी कमी है।



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