पैसे के लिए शव को बिजली का शॉक दिया; 14 साल के बेटे ने पुलिस को सुनाई पूरी कहानी

Jageshwar prasad | May 09, 2026, 19:15 IST
Photograph: (the sootr)
भीलवाड़ा में 83 लाख के बीमा क्लेम के लिए गिरोह ने युवक के शव को बिजली से जलाकर हादसे का रूप देने की कोशिश की। मृतक के 14 वर्षीय बेटे की गवाही पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह बीमार लोगों का बीमा करवाकर यह फर्जीवाड़ा करता था।

News In Short

  • भीलवाड़ा में युवक के शव को बिजली का शॉक देकर हादसे का रूप देने की कोशिश की।
  • मृतक के 14 साल के बेटे ने पुलिस को आरोपियों के नाम और पूरी साजिश की जानकारी दी।
  • पुलिस ने गंगरार टोल प्लाजा से घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • राजस्थान में इलाज के बहाने गुजरात के अहमदाबाद जिले के नरोदा गांव से मृतक को लाए थे।
  • शातिरों ने 83 लाख के बीमा क्लेम के लिए युवक की मृत्यु को हादसा बनाने की कोशिश की।

News In Detail

Bhilwara: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक कुछ शातिरों ने 83 लाख रुपए की बीमा राशि हड़पने के लिए एक युवक के शव के साथ बर्बरता की। युवक की प्राकृतिक या बीमारी से हुई मौत को हादसा दिखाने के लिए उसके शव को करंट से जलाया गया। पुलिस ने इस घटना के संदर्भ में तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



साजिश की शुरुआत और करंट का ड्रामा

अहमदाबाद के नरोदा गांव निवासी 36 वर्षीय दीपक की तबीयत खराब होने पर कुछ लोग उसे बेहतर इलाज का झांसा देकर राजस्थान लाए थे। 7 मई की रात भीलवाड़ा के मालोला गांव में दीपक की मौत हो गई। इसके बाद शुरू हुआ गिरोह का असली खेल। आरोपियों ने दीपक की मां चंपाबेन को कमरे से बाहर कर दिया और मृतक के हाथ-पैर की अंगुलियों को बिजली के तारों से जलाया ताकि यह इलेक्ट्रिक शॉक से हुई मौत जैसा लगे।



डॉक्टर की सूझबूझ और 14 साल के मासूम की गवाही

आरोपी शव को लेकर मांडल अस्पताल पहुंचे और दावा किया कि खेत पर काम करते समय दीपक की करंट से मौत हो गई। हालांकि, ड्यूटी डॉक्टर को शरीर पर बने निशानों और सीने पर ईसीजी इलेक्ट्रोड के निशानों को देखकर संदेह हुआ। डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।



इस बीच, आरोपी पुलिस के डर से मृतक की मां और उसके 14 वर्षीय बेटे को अस्पताल में ही छोड़कर फरार हो गए। लेकिन मृतक के बेटे ने पुलिस को पूरी सच्चाई बता दी। उसने बताया कि उसके पिता के शव से खून निकालने और उसे जलाने की कोशिश की गई थी। बच्चे की दी गई जानकारी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने गंगरार टोल नाके से विशाल, सूरज, अर्जुन और भरत को दबोच लिया।



ऐसे बिछाया जाता था मौत का जाल

भीलवाड़ा एसपी आईपीएस धर्मेंद्र सिंह यादव के अनुसार, आशंका है कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो, जिसमें बीमा एजेंट और अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से काम करता था। गिरोह ऐसे लोगों को चुनता था जो अत्यधिक शराब पीते हों, गंभीर बीमार हों या आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हों।



गिरोह इन लोगों को शराब और थोड़े पैसे का लालच देकर उनके नाम पर मोटी रकम का बीमा करवाता था। मृतक दीपक के नाम पर भी करीब 83 लाख रुपए के चार बीमा करवाए गए थे। गिरोह का मकसद मौत को एक्सीडेंटल दिखाकर बीमा कंपनी से पूरी राशि वसूलना था।



मानवीय संवेदना की मिसाल

आर्थिक तंगी के कारण दीपक के परिजन शव को वापस गुजरात ले जाने में असमर्थ थे। ऐसे में भीलवाड़ा पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए आपस में चंदा इकट्ठा किया और शव को सम्मानजनक तरीके से एम्बुलेंस द्वारा गुजरात भिजवाया।



फिलहाल, पुलिस इस गिरोह में शामिल बीमा एजेंटों और अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है।



ये भी पढ़ें:-

लोकसभा स्पीकर के गृह नगर का अस्पताल बना मौत का रास्ता, आखिर कहां हो रही बड़ी लापरवाही?



पांच राज्यों के चुनाव में दिखा सत्ता का कौशल, घोटाले के घेरे में फिर आया पावरफुल चेहरा



सचिवालय में भड़की आग मची अफरा-तफरी, टला बड़ा हादसा; जानिए क्या है कारण?



बाकी 3 दिन क्या गड्ढे खोदने जाते हो, दिलावर ने अधिकारी को फोन पर ऐसा क्यों कहा?



Tags:
  • करंट से मौत
  • अहमदाबाद
  • बीमा राशि
  • भीलवाड़ा
  • आईपीएस धर्मेंद्र सिंह यादव
  • शव को करंट से जलाया