IPS मनीष अग्रवाल पर साले के बेटे को हथियाने का आरोप, मामला पहुंचा कोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- IPS मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी पर साले के बेटे को हथियाने का आरोप।
- साले का दावा कि बहन ने ट्रीटमेंट के दौरान बच्चे को बुलाया, अब लौटाने से इनकार।
- आईपीएस मनीष ने कहा, आगरा में माता-पिता की फोन पर सहमति से बच्चा गोद लिया।
- हाई कोर्ट का इस मामले को गैर-कानूनी मानने से इनकार, मामला सक्षम अदालत तय करेगी।
- मनीष का विवादों से पुराना नाता, रिश्वतकांड में 100 दिन रह चुके हैं जेल में।
आईपीएस मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी पर एक बच्चे को जबरन अपने पास रखने के आरोप लगे हैं। बच्चे के माता-पिता यानी मनीष अग्रवाल के साले सिद्धार्थ गुप्ता व उनकी पत्नी साक्षी गुप्ता ने बच्चे को वापस पाने के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में गुहार की है। उन्होंने इसके लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।
जस्टिस इंद्रजीत सिंह व जस्टिस भुवन गोयल की बैंच ने बच्चे को गैर-कानूनी हिरासत में नहीं माना। उन्होंने बच्चे की सुपुर्दगी के लिए अलग से याचिका दायर करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सिद्वार्थ गुप्ता का कहना है कि उनकी बहन व मनीष अग्रवाल की पत्नी शर्मिष्ठा का आईवीएफ ट्रीटमेंट चल रहा है। शर्मिष्ठा ने कहा था कि डॉक्टर ने उन्हें कहा है कि घर में बच्चों के साथ रहने से उनका इलाज बेहतर होगा। इसलिए उन्होंने अपने बेटे को कुछ दिनों के लिए शर्मिष्ठा के पास भेजा था। अब अग्रवाल दंपती उनके बेटे को वापस लौटाने से इनकार कर रहे हैं।
सिद्धर्थ के अनुसार उन्होंने अपने बेटे को न तो गोद दिया और न ही मनीष अग्रवाल व उनकी पत्नी शर्मिष्ठा ने उसे कानूनी तौर पर गोद लिया है। ऐसे में उनके बच्चे को जबरन रखना गैर-कानूनी हिरासत में रखना है। वह बच्चे के जैविक माता-पिता हैं, इसलिए बच्चे को उन्हें वापस सुपुर्द करने के आदेश दिए जाएं।
जवाब में आईपीएस मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी शर्मिष्ठा की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने बच्चे को गोद ले लिया है। 8 मई, 2025 को गोद लेने का कार्यक्रम आगरा में हुआ था। बच्चे के माता-पिता ने भी फोन पर ही मंजूरी दे दी थी।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
कोर्ट ने बच्चे को गैर-कानूनी हिरासत में मानने से इनकार कर दिया। इसके कारण बच्चे के जैविक माता-पिता को फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली हे।
कोर्ट ने कहा है कि बच्चे को गोद देने या नहीं देने का मामला सक्षम अदालत में तय होगा, न कि हाईकोर्ट में याचिका के जरिए।
भ्रष्टाचार में गिरफ्तार हो चुके हैं आईपीएस मनीष अग्रवाल
मूलत: जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस मनीष अग्रवाल ने राजस्थान कैडर की एक महिला आईपीएस से विवाह किया था।
इस आधार पर उनका कैडर बदलकर राजस्थान हुआ था। लेकिन कुछ साल बाद ही उनका तलाक हो गया था और उन्होंने दूसरा विवाह कर लिया।
100 दिन रहे थे जेल में
2021 में एसीबी ने मनीष अग्रवाल को दौसा एसपी रहने के दौरान गिरफ्तार किया था। उन पर हाइवे निर्माण कंपनी से रिश्वत मांगने का आरोप है।
अग्रवाल पर आरोप है कि उसने हाइवे निर्माण कंपनी के मालिक से दलाल नीरज मीणा के जरिए चार लाख रुपए मासिक बंधी वसूली। प्रति एफआईआर में मामला रफा-दफा करने की एवज में 10 लाख रुपए की मांग की थी।
इस मामले में तत्कालीन एसडीएम RAS अधिकारी पिंकी मीणा और दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल भी गिरफ्तार हुए थे। इस मामले में मनीष अग्रवाल करीब 100 दिन तक जेल में रहे थे।
एसीबी उनके खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है। मामला कोर्ट में है। अग्रवाल फिलहाल पुलिस मुख्यालस में तैनात हैं। तीन साल तक निलंबित रहने के बार वह 2024 में बहाल हुए थे।
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