पहले गांव में राहुल ने दोस्त की पत्नी से की दरिंदगी, फिर दिल्ली में IRS की बेटी की हत्या, 7 लाख का कर्ज उतारने के लिए था लूट का प्लान
News In Short
- राहुल मीणा ने अपने दोस्त की पत्नी से रेप करने के बाद दिल्ली में हत्या को अंजाम दिया।
- दिल्ली पुलिस और अलवर पुलिस ने मिलकर राहुल के जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
- राहुल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 7 टीमें बनाई हैं और वह आखिरकार पकड़ा गया।
- पुलिस ने राहुल की गिरफ्तारी डिजिटल ट्रैकिंग यानि इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड से की।
- शुरूआती जांच के अनुसार जुए में 7 लाख हारने के बाद राहुल ने लूट की योजना बनाई।
News In Detail
Alwar: महज 19 साल का एक युवक, जो कल तक गांव की गलियों में ऑनलाइन लूडो खेलता था, वह इतना बड़ा अपराधी बन जाएगा कि दो राज्यों की पुलिस की नींद उड़ा देगा, ऐसा किसी ने सोचा न होगा। राजस्थान में अलवर के राजगढ़ का रहने वाला राहुल मीणा दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या के आरोप में आज सलाखों के पीछे है, लेकिन उसके जुर्म की दास्तां भयावह है। उसकी हैवानियत की शुरुआत दिल्ली से नहीं, बल्कि अपने ही दोस्त के घर से हुई थी।
दोस्त को पार्टी में छोड़ा और पीछे से उसकी पत्नी से किया रेप
आरोपी राहुल मीणाके आपराधिक सफर का सबसे घिनौना अध्याय मंगलवार शाम 7 बजे शुरू हुआ। वह अपने एक दोस्त को बाइक पर बैठाकर गांव में ही एक शादी समारोह में लेकर गया। दोस्त को वहां छोड़ने के बाद राहुल ने वापस आने का बहाना बनाया और सीधा दोस्त के घर पहुंच गया।
रात करीब 10:30 बजे जब उसने दरवाजा खटखटाया तो दोस्त की पत्नी को लगा कि उसका पति लौट आया है। दरवाजा खुलते ही राहुल ने महिला के साथ रेप किया। पीड़ित महिला ने उसी वक्त रोते हुए पति को फोन कर आपबीती सुनाई और बुधवार को दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या में राहुल का हाथ होने की खबर सुनने के बाद हिम्मत जुटाकर राजगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एम्बुलेंस से भागने का शातिर सफर
बताया जाता है कि राजगढ़ में वारदात करने के बाद राहुल को पता था कि पुलिस उसे ढूंढेगी। वह बुधवार की सुबह एक इको वैन को एम्बुलेंस के रूप में किराए पर लेकर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर के लिए निकल पड़ा। रास्ते में शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए उसने ड्राइवर को तय किए गए 6000 रुपये भी नहीं दिए और चकमा देकर फरार हो गया। वहां से टैक्सी लेकर वह सीधे दिल्ली के अमर कॉलोनी स्थित आईआरएस अधिकारी के घर पहुंचा।
अलवर पुलिस ने 7 अलग-अलग टीमें बनाईं
राजस्थान पुलिस जल्द ही दिल्ली पुलिस से राहुल की कस्टडी मांग सकती है, ताकि राजगढ़ में हुए दुष्कर्म और मोबाइल चोरी के मामले में उसे सजा दिलाई जा सके। राजगढ़ और दिल्ली, दोनों घटनास्थलों से फॉरेंसिक टीमों ने साक्ष्य जुटा लिए हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने अलवर पुलिस की मदद से मामले में राहुल के पिता, दोस्तों सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी लोग राजगढ़ थाने में बंद हैं।
क्या है आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या की कहानी?
दिल्ली के दक्षिणी इलाके में स्थित अमर कॉलोनी में बुधवार को आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी। अपराधी राहुल मीणा ने आईआरएस अधिकारी की बेटी को बेरहमी से मोबाइल चार्जर के तार से गला घोंटकर मार डाला था।
हत्या से पूर्व, राहुल ने पीड़िता से घर के लॉकर को खोलने के लिए कहा था, लेकिन जब पीड़िता ने इनकार किया तो उसने जबरदस्ती लॉकर खोलने की कोशिश की और उसकी हत्या कर दी। अपराधी ने पीड़िता के शरीर को घसीटकर उसकी उंगलियों के निशान भी लिए, ताकि वह लॉकर खोल सके।
इस मामले में जब आरोपी को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया तो उसने खुद यह कबूल किया कि उसने पैसे के लिए यह हत्या की थी। पीड़िता के शरीर को घसीटकर उसकी उंगलियों के निशान लेने का प्रयास किया ताकि लॉकर खोल सके। इसीलिए दिल्ली की एक अदालत ने राहुल मीणा को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
ऐसे पुलिस की गिरफ्त में आया राहुल मीणा
जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद राहुल मीणा ने बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी गलतियों ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस ने उसे मुख्य रूप से तीन कड़ियों, चोरी का मोबाइल, होटल का वाई-फाई और इंस्टाग्राम चैट के जरिए ट्रेस किया। राहुल के पास अपना फोन नहीं था। वह अलवर में रेप के दौरान लूटे गए मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था।
दिल्ली के द्वारका स्थित ओयो होटल में ठहरने के दौरान उसने जैसे ही होटल के वाई-फाई से इंटरनेट कनेक्ट किया और इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिए अपने गुरुग्राम स्थित रिश्तेदार से बात की, पुलिस की साइबर टीम ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली। इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसके भागने की पूरी टाइमलाइन और सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया और दिल्ली के होटल से ही दबोच लिया गया।
राहुल की नौकरी और पिता के कनेक्शन
राहुल के दोस्तों ने बताया कि उसके पिता आईआरएस अधिकारी के ऑफिस में काम करते थे। राहुल को नौकरी मिलने में उसके पिता की अहम भूमिका थी। हालांकि, राहुल के पैसों के मामले में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं और उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। नौकरी से निकाले जाने के बाद राहुल का गुस्सा बढ़ गया था। उसे लगा कि उसकी बेइज्जती हुई है। उसने अपराध करने का मन बना लिया था।
आईआरएस के घर में लूट का इरादा
राहुल की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई कि उसने जुए में 7 लाख रुपए हारने के बाद दिल्ली में आईआरएस के घर में लूट की योजना बनाई थी। यह वही घर था, जहां घरेलू नौकर के रूप में नौकरी कर चुका था। उसकी योजना थी कि वह पीड़िता के घर से पैसे चुराए और अपने जुए के नुकसान की भरपाई करे। लेकिन जब पीड़िता ने उसे लॉकर खोलने से मना कर दिया, तो राहुल ने अपना गुस्सा उस पर निकाला और उसे मार डाला।
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