जयपुर: आयुर्वेदिक कॉलेज में रिश्वत लेते 3 गिरफ्तार, कैशियर 35 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया
समझें क्या है पूरा मामला
- आयुर्वेदिक कॉलेज में रिश्वत लेते 3 गिरफ्तार
- इंटर्नशिप के लिए एनओसी की एवज में मांगे 40 हजार
- कैशियर 35 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा
- पूछताछ में दो और कर्मचारी गिरफ्तार
- एसीबी ने की ट्रैप कार्रवाई
जयपुर के किशनगढ़ रेनवाल स्थित श्री शिरडी साईं बाबा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एसीबी ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज में बीएएमएस (BAMS – Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) छात्रा की दूसरे कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए एनओसी (NOC – No Objection Certificate) जारी करने की एवज में 40 हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया।
एसीबी ने इस मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कैशियर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। जबकि पूछताछ में दो अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आए। उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
क्या थी पूरी शिकायत
डीजी एसीबी गोविन्द गुप्ता ने जानकारी दी। परिवादी की भतीजी श्री शिरडी साईं बाबा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल (Shri Shirdi Sai Baba Ayurved College & Hospital) मुण्डियागढ़ में बीएएमएस की पढ़ाई कर रही है।
उसे अन्य कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए एनओसी की जरूरत थी। इसके लिए कॉलेज कार्मिकों द्वारा 40 हजार रुपए रिश्वत मांगकर परेशान किया जा रहा था। इसके बाद परिवादी ने एसीबी से संपर्क किया।
सत्यापन में तय हुआ सौदा
शिकायत मिलने पर डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी भूपेन्द्र के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान 40 हजार रुपए की मांग के बाद 35 हजार रुपए में रिश्वत राशि तय होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद गुरुवार को एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने कॉलेज के कैशियर एवं स्टोर कीपर रमेश कुमार शर्मा को परिवादी से 35 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी रही।
दो और कर्मचारी गिरफ्तार
डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि जयपुर एसीबी ट्रैप (Jaipur ACB Trap) कार्रवाई के दौरान पूछताछ की गई। इसमें कॉलेज के क्वालिटी कंट्रोल लैब इंचार्ज एवं डिप्टी डायरेक्टर योगेश कुमार अपूर्वा का नाम सामने आया।
इसके अलावा कम्प्यूटर ऑपरेटर और कनिष्ठ सहायक राजकुमार मीणा की भी रिश्वत प्रकरण में आपराधिक संलिप्तता सामने आई। इस पर एसीबी ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह इस मामले में कुल तीन कर्मचारी गिरफ्तार हुए हैं।
किसने की कार्रवाई
यह कार्रवाई एसीबी जयपुर नगर प्रथम की टीम ने की। टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा कर रहे थे। एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है।
क्यों अहम है यह मामला
यह मामला शिक्षण संस्थान में रिश्वतखोरी का है। यहां छात्रों से एनओसी जैसे जरूरी दस्तावेज के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
एसीबी की त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि भ्रष्टाचार पर सख्ती बरती जाएगी। इससे अन्य संस्थानों में भी चेतावनी का संदेश गया है। अब देखना जरूरी है कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं।