जयपुर में 8 बड़े अफसरों पर 32 लाख का जुर्माना, तीन गुना किराया वसूलने की तैयारी
News In Short
- तबादला होने के बाद आवास खाली नहीं करने पर तीन गुना किराया वसूलने की तैयारी।
- आठ बड़े अधिकारियों को 32 लाख रुपए जुर्माना वसूलने का नोटिस दिया गया।
- नोटिस वाले अधिकारियों में तीन आईएएस और दो आईपीएस भी शामिल।
- ये अधिकारी तबादला होने के बाद भी बरसों से जयपुर में सरकारी आवास पर है काबिज।
- सरकार ने कहा, अगर नोटिस के बाद भी आवास खाली नहीं हुए तो बड़ी कार्रवाई होगी।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी आवास खाली नहीं करने वाले नौकरशाहों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्य के पांच आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) समेत आठ अधिकारियों ने तबादला होने के बावजूद कई वर्षों से सरकारी बंगलों पर कब्जा जमा रखा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने हाल ही में इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर कुल 32 लाख रुपए से अधिक की रिकवरी निकाली है।
तीन गुना किराए का प्रावधान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक्शन राजकीय आवास आवंटन नियम 1958 के तहत लिया गया है। नियमों के उल्लंघन और तय समय सीमा के बाद भी बंगले खाली न करने की सूरत में इन अधिकारियों पर तीन गुना किराया और भारी जुर्माना लगाया गया है। इन अधिकारियों को पिछले दिनों भी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करने पर अब आर्थिक दंड का सहारा लिया गया है।
आईपीएस मृदुल कच्छावा पर सबसे अधिक जुर्माना?
सबसे अधिक जुर्माना आईपीएस अधिकारी मृदुल कच्छावा पर लगा है। वे जुलाई 2022 से गांधीनगर स्थित सरकारी आवास पर काबिज हैं, जिसके कारण उनसे 12.12 लाख रुपए की रिकवरी निकाली गई है।
इन आईएएस अधिकारियों से इतनी वसूली
इन्द्रजीत सिंह: अगस्त 2025 से गांधीनगर के बंगले पर काबिज होने के कारण 92,627 रुपए का नोटिस।
हरफूल सिंह यादव: मार्च 2024 से आवास संख्या E-3, गांधीनगर खाली न करने पर 2.97 लाख रुपए का जुर्माना।
देवाराम सैनी: फरवरी 2024 से आवास पर काबिज रहने के कारण 3.19 लाख रुपए की रिकवरी।
आईपीएस और अन्य अधिकारियों की स्थिति
तेजस्वी (IPS): जुलाई 2025 से काबिज रहने पर 85,192 रुपए का जुर्माना।
दलपत सिंह राठौड़ (लेखा सेवा): अतिरिक्त निदेशक उदयपुर में तैनात होने के बावजूद अक्टूबर 2023 से आवास खाली नहीं किया। इन पर 7.55 लाख रुपए की भारी रिकवरी निकाली गई है।
मुकुन्द बिहारी (पुलिस अफसर): मार्च 2024 से काबिज रहने पर 3.02 लाख रुपए का जुर्माना।
गौरव बजाज (आरएएस): सदस्य राजस्व बोर्ड अजमेर के पद पर तैनात होने के बावजूद जनवरी 2025 से आवास पर काबिज हैं। इन्हें 1,42,776 रुपए का नोटिस थमाया गया है।
सख्त एक्शन की चेतावनी
संपदा निदेशालय ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस के बाद भी जुर्माना नहीं चुकाया जाता और आवास खाली नहीं किए जाते, तो और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। नियमों के तहत इन अधिकारियों के वेतन से भी रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इन आठ अधिकारियों के पास इस नोटिस का जवाब देने और बकाया राशि जमा करने का सीमित समय बचा है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि अक्सर तबादले के बाद अधिकारी अपने रसूख और जान-पहचान का फायदा उठाकर महीनों और सालों तक बंगले खाली नहीं करते। जयपुर के पॉश इलाकों जैसे गांधीनगर में सरकारी आवासों की भारी मांग रहती है, लेकिन ऐसे कब्जे के कारण पात्र अधिकारियों को वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ता है।
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