जेडीए की गैरहाजरी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, बताए अवैध निर्माण पर कार्रवाई

Ashish Bhardwaj | Jun 05, 2026, 20:17 IST
Photograph: (the sootr)
अवैध निर्माण से जुड़े मामले में जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) की गैरहाजिरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई में जेडीए आयुक्त बताएं कि अवैध निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

News In Short

  • सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर में अवैध निर्माण पर JDA की गैरहाजिरी पर फटकार लगाई।
  • अदालत ने कमिश्नर को अगली सुनवाई में कार्रवाई का शपथ पत्र पेश करने के दिए निर्देश ।
  • केवल सर्वे रिपोर्ट देना पर्याप्त नहीं, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की जानकारी भी जरूरी।
  • JDA को शहर की प्लानिंग और भूमि उपयोग पर निगरानी बनाए रखने को कहा गया।
  • अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी, जिसमें कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो सकते हैं।

News In Detail

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) की गैरहाजिरी पर कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई में कमिश्नर यह स्पष्ट करें कि अवैध निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। अन्यथा उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा।



सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से यह साफ हो गया है कि देशभर में अवैध निर्माण और बिल्डिंग बायलॉज उल्लंघन के मामलों पर अदालत गंभीरता से नजर रख रही है।



जयपुर में अवैध निर्माण की शिकायतें

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ में सुनवाई के दौरान न्यायमित्र अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जयपुर में बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन और अवैध निर्माण की गंभीर शिकायतें मिली हैं।



जेडीए की ओर से न तो कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ और न ही शपथ पत्र अदालत में पेश किया गया।



कोर्ट का निर्देश: JDA को जवाब देना होगा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जेडीए यह बहाना नहीं कर सकता कि गलती से नगर निगम पक्षकार बना दिया गया। शहर की प्लानिंग, नक्शे पास करने, अवैध निर्माण रोकने और भूमि उपयोग पर नजर रखने वाली एजेंसी को अदालत में जवाब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट अब 4 अगस्त को अगली सुनवाई करेगा।



जेडीए को निर्देश दिया गया है कि कमिश्नर अगली सुनवाई में शपथ पत्र पेश करें और बताएं कि उन्होंने अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई की है। यदि शपथ पत्र पेश नहीं होगा, तो कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।



केवल सर्वे रिपोर्ट पर्याप्त नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकतर एजेंसियों ने केवल सर्वे रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा गया है कि अवैध निर्माण चिन्हित किया गया है।



अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल सर्वे करना पर्याप्त नहीं है। अवैध निर्माण पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई का विवरण अगली सुनवाई तक प्रस्तुत करना होगा।



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