जयपुर एयरपोर्ट पर डीआरआई का बड़ा एक्शन, 22 करोड़ की कोकीन के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार
News In Short
- जयपुर एयरपोर्ट पर 22 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की कोकीन बरामद।
- इस मामले में बैंकाक से आई एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
- यह कोकीन बैंकाक से आई मिजोरम की महिला के ट्रॉली बैग में मिली।
- बरामद कोकीन का कुल वजन 4.556 किलोग्राम मापा गया है।
- जयपुर एयरपोर्ट का उपयोग तस्करों द्वारा ट्रांजिट रूट के रूप में किया जाता है।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की राजधानी स्थित जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बैंकॉक से आई एक महिला यात्री के पास से करोड़ों रुपए मूल्य की कोकीन बरामद की है। इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट की पोल खोल दी है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
डीआरआई को विशेष सूत्रों से इनपुट मिला था कि बैंकॉक से जयपुर आने वाली फ्लाइट संख्या FD-130 में एक महिला यात्री भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर पहुंच रही है। इस खुफिया जानकारी के मिलते ही जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात डीआरआई अधिकारियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी। संदिग्ध यात्रियों पर निगरानी रखने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया और एयरपोर्ट के एग्जिट पॉइंट पर सघन जांच शुरू की गई।
तलाशी में निकला करोड़ों का काला सच
जब संबंधित फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुई तो अधिकारियों की नजर मिजोरम निवासी 58 वर्षीय महिला पर पड़ी। महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसे रोका गया और पूछताछ की गई। शुरुआती पूछताछ में महिला ने टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन जब अधिकारियों ने उसके ट्रॉली बैग की गहनता से तलाशी ली, तो वे भी दंग रह गए।
बैग के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में कोकीन छिपाई गई थी। बरामद की गई कोकीन का कुल वजन 4.556 किलोग्राम मापा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 22.78 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन की बरामदगी जयपुर
एयरपोर्ट के इतिहास की प्रमुख कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
न्यायिक हिरासत और सिंडिकेट की जांच
गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
अब DRI के अधिकारी इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि तस्करी की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी। अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हाथ हो सकता है, जिसके तार म्यांमार, थाईलैंड और भारत के विभिन्न राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। यह महिला महज एक "कूरियर" थी या इस गिरोह की कोई अहम सदस्य, इसकी जांच की जा रही है।
बढ़ती तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर
जयपुर एयरपोर्ट का उपयोग तस्करों द्वारा अक्सर ट्रांजिट रूट के रूप में किया जाता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत जांच और निगरानी को और सख्त किया गया ताकि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
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