जयपुर बना सियासी अखाड़ा, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, शहर बेहाल

Mukesh Sharma | Jul 22, 2026, 16:57 IST
भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान देखने को मिला। भाजपा के प्रदर्शन पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाई। जवाब में शाम को कांग्रेस ने भी भाजपा मुख्यालय घेरने निकल पड़े। इस टकराव से पूरा जयपुर शहर अस्त-व्यस्त हुआ।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • भाजपा का कांग्रेस दफ्तर पर धावा, राहुल गांधी के धरने के विरोध में निकाला मार्च।
  • जवाब में कांग्रेस भी निकली भाजपा दफ्तर घेरने, कांग्रेसियों को भी वाटर कैनन से खदेड़ा।
  • जगह जगह जाम से बेहाल हुआ जयपुर, यातायात को किया जा रहा डायवर्ट।
  • हाई अलर्ट पर खाकी, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से रखी जा रही नजर।

राजस्थान के जयपुर में बुधवार को सियासी माहौल उबाल पर है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के एक दिन बाद भाजपा मैदान में दिखी।



भाजपा ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच कर दिया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।



इसके जवाब में कांग्रेस ने भी बुधवार शाम को ही प्रदेश भाजपा मुख्यालय के घेराव करने को कूच कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया।



पुलिस से भिड़े कांग्रेस कार्यकर्ता

कमिश्नरेट के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। कांग्रेस का लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरी है।



पूर्व सीएम अशोक गहलोत,कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय घेरने निकले थे।



प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, बीजेपी वाले नाथूराम गोडसे के वंशज है। ये गोली चलाना जानते हैं। आंदोलनों का दमन करना जानते हैं।



मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम इन नौजवानों के साथ न्याय और लोकसभा में चर्चा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। डोटासरा और कांग्रेस के लोग गोली खाने को तैयार हैं। बीजेपी के प्रदर्शन पर बोले कि मैच फिक्सिंग थी। पानी की हल्की फुहारें छोड़कर, हंस कर, मिठाई खाकर घर चले गए।



राहुल के धरने के विरोध में भाजपा ने निकाला मार्च

इससे पहले भाजपा ने अध्यक्ष मदन राठौड की अगुआई में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने मार्च निकले। भाजपा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पीएम आवास पर धरने को संविधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन बता रही है।



प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी समेत विभिन्न मोर्चों के नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। जैसे ही बीजेपी कार्यकर्ता सी-स्कीम से कांग्रेस दफ्तर की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग करके उन्हें रोक दिया था।



आगे बढ़ने की जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए जयपुर पुलिस ने वाटर कैनन की बौछारें छोड़ दी थीं। इससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।



भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक पदों की अवहेलना कर रहे हैं। इसे राजस्थान की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।



ट्रैफिक हुआ अस्त-व्यस्त

सुबह भाजपा और शाम को कांग्रेस के जुलुसों के कारण राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया। शहर का ट्रैफिक डायवर्जन के कारण अस्त-व्यस्त हो गया।



दोनों पार्टियों के प्रदर्शनों से अस्त-व्यस्त ट्रैफिक के बीच सांगानेर में वकीलों के टोंक रोड़ जाम से कोढ़ में खाज वाली स्थिति पैदा हो गई।



उल्टे बांस बरेली को...डोटासरा

इससे पहले भाजपा के उग्र प्रदर्शन के तुरंत बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला था।



डोटासरा ने भाजपा के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर किए कूच पर कहा कि यह उल्टे बांस बरेली को वाली कहावत को चरितार्थ करना है।



डोटासरा ने सवाल उठाया कि पेपर लीक मोदी सरकार के राज में हो रहे हैं। नकल माफिया बीजेपी के पदाधिकारी निकल रहे हैं। विरोध करने वाले छात्रों पर क्रूरता की जा रही है।



उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी युवाओं की आवाज उठाते हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। ऐसे में बीजेपी का यह प्रदर्शन पूरी तरह से ढोंग है।



शहर का ट्रैफिक डायवर्ट

तेजी से घट रहे घटनाक्रम में भाजपा कांग्रेस आमने-सामने हो गई हैं। जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। शहर का ट्रैफिक डायवर्ट किया जा रहा है।



दोनों प्रमुख दलों के एक-दूसरे के दफ्तरों को घेरने के ऐलानों को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर भर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।



सी-स्कीम, चांदपोल और एमआई रोड स्थित दोनों पार्टियों के मुख्यालयों के बाहर भारी बैरिकेडिंग की गई है और वाटर कैनन के साथ दंगा नियंत्रण वाहन तैनात कर दिए गए हैं।



पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने नहीं आने देना चाहता। इसके लिए पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों से स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।



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