जयपुर के चार भाजपा विधायकों से नाराज हैं कार्यकर्ता, पार्टी बैठक में लगाए आरोप
News In Short
- जयपुर के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने की शहर के चार विधायकों की शिकायत।
- कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आ रही इन विधायकों की कार्यप्रणाली।
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक में कार्यकर्ताओं ने निकाला गुस्सा।
- बैठक में निगम चुनाव में पार्षदों के टिकट एडवांस में बेचने के लगाए आरोप।
- मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने होने पर गहरी नाराजगी जताई
News In Detail
राजस्थान में राजधानी जयपुर के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के चार विधायकों के बारे में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की है। जनसंघ के जमाने से ही पार्टी से जुड़े करीब 40 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ दो बार में हुई बैठक में ये शिकायतें की। बैठक शनिवार और बुधवार को पार्टी मुख्यालय में हुई। बताया जाता है कि बैठक में चार भाजपा विधायकों के तौर-तरीकों और कार्यकर्ताओं से नहीं मिलने पर कड़ा एतराज जताया गया।
नहीं हो रहे कोई काम
पार्टी सूत्रों के अनुसार इन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से शिकायत की कि जबसे सरकार बनी है, पार्टी का पुराना और समर्पित कार्यकर्ता दर-दर भटकने को मजबूर है। आमजन तो दूर पार्टी कार्यकर्ताओं के कोई काम नहीं हो रहे हैं। न केवल मुख्यमंत्री से मिलना दूभर है, बल्कि मंत्री भी कोई काम कर नहीं रहे हैं। उन्होंने अफसरशाही हावी होने पर नाराजगी भी जहिर की है।
थोप दिए हैं चार विधायक
पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन कार्यकर्ताओं ने राठौड़ के सामने यह भी कहा कि पार्टी ने जयपुर में चार विधायक थोप दिए हैं। इनमें से दो सेलिब्रिटी हैं तो बाकी दो का पार्टी की रीति-नीति से कोई सरोकार नहीं है। इनसे मिलना और अपनी बात करना तक मुश्किल है। उनका इशारा खासकर जयपुर के दो मंत्रियों और पहली बार जीते दो विधायकों की तरफ था।
भैंरोसिंह और वसुधंरा से मिलना था आसान
बैठक में यह भी शिकायत की गई कि आमजन उनको खरीखोटी सुना रहे हैं। क्योंकि, उनके कोई काम करवाना संभव नहीं हो रहा है। पहले दिवंगत भैंरोसिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे से सीएम रहते हुए कार्यकर्ताओं का मिलकर तबादले और दूसरे काम करवाना आसान था। अब काम करवाना तो दूर, मिलना तक संभव नहीं हो रहा है।
पार्षद के टिकट का एडवांस
भाजपा के इन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने संगठन को लेकर भी गंभीर शिकायतें की हैं। इन लोगों ने कहा है कि संगठन में कुछ भ्रष्ट लोग आ गए हैं। हालत यह है कि नगर निगम चुनाव में पार्षद के टिकटों की एडवांस बुकिंग तक हो रही हैं। यदि इसे तत्काल नहीं रोका गया तो निगम चुनाव तक स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाएगी। संगठन में ऐसे लोग ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिन्हें स्वयं को ही ट्रेनिंग लेने की जरुरत है। जयपुर शहर भाजपा पर भी सही तरीके से काम नहीं करने के आरोप लगाए हैं।
यूजीसी के नियमों से भारी नुकसान
एक कार्यकर्ता ने प्रदेशाध्यक्ष को बताया कि भाजपा को यूजीसी नियम लागू करने से भारी नुकसान हो रहा है। क्योंकि इन नियमों के दायरे में आने वाली जातियां मूल रूप से भाजपा की मतदाता और कार्यकर्ता हैं। यूजीसी नियमों के जरिए इन्हें नाराज किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसके लिए कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को दोषी बताया है।
कार्यकर्ताओं से मिलते रहेंगे
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह बैठक पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद करने को लेकर थी। उनकी कुछ शिकायत थी, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष ने सुलझाने का वादा किया है। बैठक में तय हुआ है कि प्रदेशाध्यक्ष अब लगातार जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से समय-समय पर संवाद करते रहेंगे। इन बैठकों के समन्वय की जिम्मेदारी पूर्व उप-महापौर पुनीत कर्णावत, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय जैन, विमल अग्रवाल और अनिल शर्मा को दी गई है।
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