CA को किडनैप कर कर्ज उतारना चाहते थे दोस्त, 1000 CCTV खंगालने के बाद पकड़े गए 3 आरोपी
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर सीए किडनैपिंग केस: 3 आरोपी गिरफ्तार।
- सेंट्रल पार्क से 10 सितंबर को की थी अगवा करने की कोशिश।
- कर्ज चुकाने को दोस्तों ने रचा था किडनैपिंग प्लान।
- 1000 CCTV खंगाले, तब पकड़े गए आरोपी
राजस्थान की राजधानीजयपुर के सेंट्रल पार्क से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) राजीव गुप्ता के किडनैपिंग केस में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। चौथा आरोपी अभी भी फरार है। जयपुर पुलिस के मुताबिक चार दोस्तों ने कर्ज चुकाने और शौक पूरे करने के लिए किसी अमीर व्यक्ति को अगवा कर फिरौती वसूलने का प्लान बनाया था।
अपहरण कीकरीब एक महीने से तैयारी चल रही थी। वारदात से पहले सेंट्रल पार्क की रेकी भी की गई थी। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को एक हजार से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने पड़े। घटना 10 सितंबर की है। 50 साल के CA राजीव गुप्ता सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए सेंट्रल पार्क आए थे।
जयपुर CA किडनैपिंग केस में 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पार्किंग के पास दो बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें उनकी ही मर्सिडीज में अगवा कर लिया था। एक बदमाश ने अपनी शर्ट खोलकर राजीव का मुंह बांधने की कोशिश भी की थी। राजीव ने बदमाशों का विरोध किया। बचने के लिए उन्होंने चलती कार का गेट खोलकर अपने दोनों पैर बाहर निकाल लिए। कार के अंदर संघर्ष चलता रहा। इसी दौरान आमेर थाना इलाके में मर्सिडीज दो गाड़ियों से टकराई। इसके बाद कच्चे रास्ते पर जाकर नाले में पलट गई।
कार पलटी तो पहाड़ियों में भाग गए थे आरोपी
हादसे के बाद दोनों आरोपी मर्सिडीज छोड़कर भाग निकले। वे पैदल आमेर की पहाड़ियों की तरफ चले गए। आमेर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राजीव को सुरक्षित निकाला। उनकी मर्सिडीज भी बरामद की गई। इसके बाद अशोक नगर थाना पुलिस ने किडनैपिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
आरोपियों ने पहाड़ियों से निकलने के लिए अपने साथी से संपर्क किया था। पुलिस के मुताबिक उनके लिए कैब बाइक बुक कर भेजी गई। इसके बाद वे फरार हो गए।
पुलिस ने 1000 से ज्यादा CCTV खंगाले
DCP (साउथ) राजर्षिराज वर्मा के मुताबिक पुलिस टीम ने आरोपियों का पता लगाने के लिए एक हजार से ज्यादा CCTV फुटेज देखे। फुटेज में एक बाइक सवार अपने दो साथियों को सेंट्रल पार्क के पास छोड़ता दिखाई दिया। पुलिस ने बाइक के नंबर की जांच की तो नंबर प्लेट फर्जी निकली।
सीसीटीवी के जरिए पुलिस बाइक का रूट तलाशते हुए आगरा रोड तक पहुंची। यहां आगे कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद आरोपियों पर 20 हजार रुपए का इनाम रखा गया।पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस टीम ने शुक्रवार दोपहर दबिश देकर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
इनमें बस्सी थाना इलाके के पोतली गांव निवासी चेतन शर्मा उर्फ लाला (24), हनुमान प्रजापत (23) और खो नागोरियान थाना इलाके के नूर नगर लुनियावास, गोनेर रोड निवासी जैनुल खान (23) शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक चेतन से पूछताछ के बाद उसके साथियों का पता चला। हनुमान को बस्सी और जैनुल को जवाहर नगर से पकड़ा गया। चौथा आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने 20 हजार का इनाम भी रखा था।
कर्ज उतारने के लिए चाहिए थे पैसे
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि चारों दोस्त आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। चेतन पहले डिलीवरी बॉय था। उसके पिता काफी समय से बीमार चल रहे हैं। हनुमान और जैनुल कपड़े की दुकान पर काम करते थे। पुलिस के मुताबिक चारों ने कर्ज चुकाने और मौज-मस्ती के लिए फिरौती से पैसा जुटाने का रास्ता चुना। इसके लिए किसी अकेले और अमीर दिखने वाले व्यक्ति को निशाना बनाने का फैसला किया गया।
एक महीने से बना रहे थे किडनैपिंग का प्लान
पुलिस जांच में सामने आया कि किडनैपिंग की तैयारी करीब एक महीने से चल रही थी। चेतन ने इलेक्ट्रिक स्कूटी से सेंट्रल पार्क की रेकी की थी। वारदात से करीब 10 दिन पहले भी आरोपी किसी को अगवा करने पहुंचे थे। उस दिन पार्क में भीड़ ज्यादा थी। कई घंटे इंतजार करने के बाद भी उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद सभी वापस लौट गए। बाद में दोबारा रेकी की गई और 10 सितंबर को राजीव गुप्ता को निशाना बनाया गया।
नाई की थड़ी ले जाने का था प्लान
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने तय किया था कि किसी अमीर व्यक्ति को उसकी ही गाड़ी में अगवा किया जाएगा। इसके बाद उसे नाई की थड़ी स्थित ठिकाने पर ले जाएंगे। वहां से उसके परिवार को फोन कर मोटी फिरौती मांगी जानी थी। रकम मिलने के बाद बंधक को छोड़ने का प्लान था।
फिरौती से मिलने वाले पैसे से कर्ज चुकाने और बाकी रकम मौज-मस्ती में खर्च करने की तैयारी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चेतन शर्मा पहले भी खो नागोरियान इलाके में किडनैपिंग के एक मामले में आरोपी रहा है।
नकली पिस्टल और चाकू बरामद हुआ
पुलिस के मुताबिक वारदात के दिन हनुमान, जैनुल और फरार आरोपी सेंट्रल पार्क पहुंचे थे। जैनुल फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक से आया था। वह अपने दोनों साथियों को वहां छोड़कर चला गया था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो बाइक और एक इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है। इसके साथ नकली पिस्टल और चाकू भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही फरार चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।
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