जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस का धरना जारी, डोटासरा का पैर फिसला, पूनिया-गुंजल को पुलिसकर्मियों ने रोका
राजस्थान में रितु बराला मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य नेता मंगलवार रात भी जयपुर पुलिस कमिश्नरेट परिसर में रुके। बुधवार सुबह कमिश्नरेट के अंदर जाते समय डोटासरा का पैर चौखट से टकरा गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। इस दौरान उनके पैर के पंजे में चोट लग गई। वहीं, धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें एक कार्यकर्ता घायल हो गया।
डोटासरा बोले- राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई
बुधवार सुबह गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने का मामला है। उनका राजस्थान पुलिस से कोई विवाद नहीं है। कांग्रेस की मांग है कि रितु बराला के साथ कथित मारपीट के मामले में राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज की जाए। डोटासरा ने पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत में भी अपनी मांग दोहराई।
कमिश्नरेट के गेट पर धरने पर बैठीं कृष्णा पूनिया
बुधवार सुबह धरने में शामिल होने पहुंचीं पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया को पुलिसकर्मियों ने कमिश्नरेट के अंदर जाने से रोक दिया। इससे नाराज होकर वे गेट पर ही धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी करने लगीं। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को भी शुरुआत में अंदर जाने से रोका गया, हालांकि पुलिसकर्मियों से बहस के बाद वे परिसर में चले गए।
रितु बराला बोलीं- हमें न्याय चाहिए
रितु बराला ने कहा कि कांग्रेस नेता पिछले तीन दिनों से कमिश्नरेट में मौजूद हैं और वरिष्ठ नेताओं ने सड़क पर सोकर रातें बिताई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। रितु ने कहा कि वे केवल न्याय मांग रहे हैं और जीरो एफआईआर दर्ज करना कोई बड़ी प्रक्रिया नहीं है।
गार्डन में बैठने और सुविधाओं को लेकर भी विवाद
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कमिश्नरेट के गार्डन में बैठने से रोक दिया और वहां बिछाए गए गद्दे भी हटवा दिए। इसको लेकर विरोध हुआ और कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति बन गई। नेताओं को बैठने के लिए दूसरी जगह बताने के बाद मामला शांत हुआ।
टीकाराम जूली ने लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कमिश्नरेट परिसर में टॉयलेट बंद कर दिए गए और नेताओं को पार्क में बैठने से रोका जा रहा है। जूली ने कहा कि कांग्रेस एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं से की बातचीत
बुधवार सुबह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रामेश्वर सिंह, डीसीपी साउथ राजर्षि राज और अन्य पुलिस अधिकारी कमिश्नरेट के कमरा नंबर 9 में बैठे डोटासरा और दूसरे कांग्रेस नेताओं से मिलने पहुंचे। बातचीत के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई। फिलहाल इस मुद्दे पर पुलिस और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
बीएनएस की धारा 173 का दिया हवाला
डोटासरा ने मंगलवार को पुलिस अधिकारियों के सामने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) का हवाला देते हुए पूछा था कि क्या इस मामले में राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है। उन्होंने मांग की कि यदि ऐसा संभव है तो पुलिस इस बारे में लिखित जवाब दे। कांग्रेस का कहना है कि दिल्ली में दर्ज एफआईआर का विवरण अलग है और राजस्थान में भी शिकायत दर्ज की जानी चाहिए।
डोटासरा ने परिसर में सफाई भी की
धरने के दौरान बुधवार सुबह गोविंद सिंह डोटासरा कमिश्नरेट परिसर में घूमते और ब्रश करते नजर आए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे नेताओं से परिसर में फैला कचरा साफ करने को कहा और खुद भी कचरा उठाया। इस बीच कांग्रेस नेताओं का धरना जारी है और पार्टी रितु बराला के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग पर कायम है।