ऑफर में नहीं दी चीनी, रिलायंस स्टोर पर लगा 5 हजार का जुर्माना
समझें क्या है पूरा मामला
- रिलायंस स्टोर पर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला।
- टोस्ट पर 1 रुपए ज्यादा वसूली पड़ी भारी।
- 9 रुपए किलो चीनी ऑफर नहीं देने पर जुर्माना।
- दो मामलों में रिलायंस पर 10 हजार की पेनल्टी।
- आयोग ने माना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन।
जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग तृतीय ने बड़ा फैसला सुनाया है। रिलायंस स्टोर पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना दो अलग-अलग मामलों में लगाया गया है। पहला मामला टोस्ट पर 1 रुपए ज्यादा वसूलने का है। दूसरा मामला ऑफर में 9 रुपए में 1 किलो चीनी न देने का है।
आयोग ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन माना है। रिलायंस स्मार्ट बाजार और रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट, दोनों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना तय हुआ है।
किसने और कैसे दायर किया परिवाद
यह पूरा मामला परिवादी प्रमोद कुमार खंडेलवाल की शिकायत से जुड़ा है। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने परिवाद को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया।
आयोग ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि दोनों मामलों में सेवा में कमी पाई गई। साथ ही कंपनी ने अनुचित व्यापार पद्धति भी अपनाई।
टोस्ट पर वसूला एक रुपया ज्यादा
पहला मामला मार्च 2025 का है। परिवादी प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने 24 मार्च को आमेर रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट से खरीदारी की थी। उन्होंने ब्रिटानिया का टोस्ट खरीदा था। स्टोर ने इस पर एक रुपया ज्यादा वसूल लिया।
परिवादी का आरोप था कि स्टोर आकर्षक ऑफर दिखाकर ग्राहकों को बुलाता है। इसके बाद बिल से ज्यादा राशि वसूल ली जाती है। उन्होंने इसे अनुचित व्यापार पद्धति बताया।
आयोग ने सुनवाई में परिवादी के तर्क सही पाए। वहीं स्टोर अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार पद्धति करार दिया।
आयोग ने आदेश दिया कि रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट परिवादी को 1 रुपया लौटाए। इस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा मानसिक संताप के लिए 2,500 रुपए देने होंगे। वाद व्यय के लिए भी 2,500 रुपए अलग से देने होंगे। कुल मिलाकर यह राशि 5,000 रुपए है।
आयोग ने परिवादी की तारीफ भी की। उसे 'जागरूक उपभोक्ता' बताते हुए उसके प्रयासों की सराहना की गई।
ऑफर में नहीं दी एक किलो चीनी
दूसरा मामला भी 2025 का है। यह मामला रामगढ़ मोड़ स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से जुड़ा है। परिवादी ने यहां 11 मार्च को खरीदारी की थी।
होली के त्योहार पर रिलायंस ने खास ऑफर दिया था। 2,499 रुपए या उससे ज्यादा की खरीद पर सिर्फ 9 रुपए में 1 किलो चीनी मिलनी थी। इसी ऑफर से आकर्षित होकर परिवादी ने खरीदारी की। उन्होंने 3,754.32 रुपए का सामान खरीदा और पूरा बिल चुका दिया।
लेकिन जब परिवादी ने चीनी मांगी तो मामला बिगड़ गया। कैशियर ने बार कोड न होने का बहाना बना दिया। ऑफर देने से साफ मना कर दिया गया। बाद में न चीनी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए।
आयोग ने क्या टिप्पणी की
आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज ने अपने फैसले में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि ऑफर से ग्राहक को आकर्षित करना आसान है। लेकिन उस ऑफर का लाभ देना व्यापारी का दायित्व भी है। यह दायित्व कानूनी भी है और नैतिक भी।
आयोग ने इस आचरण को अनुचित व्यापारिक प्रथा माना। आदेश दिया गया कि रिलायंस 9 रुपए लेकर परिवादी को 1 किलो चीनी दे। अगर चीनी न दे सके तो उसके बराबर बाजार मूल्य चुकाए। इसके साथ ही मानसिक संताप और वाद व्यय के लिए कुल 5 हजार रुपए अलग से देने होंगे।
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