जयपुर में कूरियर कंपनी की लापरवाही से हुई 20 किलो चांदी की चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार

Ashish Bhardwaj | Oct 11, 2026, 11:16 IST
जयपुर चांदी चोरी के आरोपी
जयपुर में एक कूरियर कंपनी की लापरवाही के कारण 20 किलो चांदी चोरी हो गई। यह चोरी एक नाबालिग के माध्यम से हुई, जिसे बिना वेरिफिकेशन के नौकरी पर रखा गया था। चोरी की वारदात में प्रिंस, दीपक और नाबालिग शामिल थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने करीब 10 किलो चांदी बरामद की है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जयपुर में एक कूरियर कंपनी की लापरवाही का फायदा उठाकर चांदी की बड़ी चोरी की गई। पुलिस के मुताबिक कंपनी ने एक नाबालिग को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नौकरी पर रखा था। आरोप है कि उसी ने साथियों के साथ मिलकर करीब 20 किलो चांदी के पांच पार्सल चोरी करवाए। पुलिस ने नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़कर 10 किलो चांदी बरामद की है।



हाथी बाबू मार्ग पर वारदात

डीसीपी (DCP – Deputy Commissioner of Police) वेस्ट प्रशांत किरण ने मामले की जानकारी दी। मुरलीपुरा निवासी रवि कुमार ने बनीपार्क थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रवि कुमार की सुभाष नगर शॉपिंग सेंटर में न्यू नीलकंठ एयर सर्विस नाम से कूरियर कंपनी है। यह कंपनी आभूषणों समेत दूसरे सामान की डिलीवरी करती है।



रिपोर्ट के मुताबिक 30 सितंबर की रात कंपनी के कर्मचारी लोडिंग ऑटो में पार्सल ले जा रहे थे। वे कलेक्ट्रेट सर्किल की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान हाथी बाबू मार्ग पर कार सवार बदमाशों ने पांच पार्सल चोरी कर लिए। इनमें करीब 20 किलो चांदी के आइटम थे।



नौकरी में जुटाई पार्सल की जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी में काम करने वाले नाबालिग को पार्सलों की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कौन से पार्सल कब और कहां जाते हैं। महंगे सामान की जानकारी भी उसके पास थी। नाबालिग खुद भी सामान पहुंचाने जाता था।



बिहार से बुलाए साथी

पुलिस के मुताबिक नाबालिग ने अपने परिचित प्रिंस को बुलाया। उसने प्रिंस को बताया कि कंपनी से अक्सर कीमती आभूषणों के पार्सल जाते हैं। इसके बाद प्रिंस ने बिहार से राकेश और दीपक को टैक्सी से जयपुर बुलाया। 30 सितंबर की रात करीब 10:45 बजे आरोपियों ने पार्सल लोडिंग ऑटो से कार में डाले और भाग निकले।



कौन हैं पकड़े गए आरोपी

पकड़े गए आरोपियों में दीपक सिंह उर्फ शंकर शामिल है। वह उत्तर प्रदेश के गोंडा का रहने वाला है। दूसरा आरोपी प्रिंस कुमार बिहार के जमुई का निवासी है। वह फिलहाल दिल्ली के अलीपुर में रह रहा था। तीसरा आरोपी नाबालिग है, जिसे पुलिस गिरोह का सरगना बता रही है।



सूरत में भी थी तैयारी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह सूरत में भी बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे। इस पैसे से वे दिल्ली में अपने शौक पूरे करना चाहते थे। सूरत वाली योजना पर पुलिस की जांच जारी है।



बाकी 10 किलो चांदी की तलाश

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि बाकी करीब 10 किलो चांदी फरार राकेश और उसके साथी के पास है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। क्या पुलिस बाकी चांदी भी बरामद कर पाएगी?



120 कैमरे, चार राज्यों में दबिश

वारदात के बाद एसीपी (ACP – Assistant Commissioner of Police) दरजा राम बोस के नेतृत्व में विशेष टीम बनी। बनीपार्क थाना प्रभारी सुरेश यादव भी टीम का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित रास्तों के करीब 120 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद बदमाशों का रूट-मैप तैयार कर उनकी पहचान की गई।




पुलिस टीम में कौन-कौन

टीम में राजेन्द्र, महिपाल, आशीष और सुनील कुमार शामिल थे। बनीपार्क थाना पुलिस ने दिल्ली, गुरुग्राम, बिहार और उत्तर प्रदेश में दबिश दी। इसके बाद नाबालिग समेत तीन आरोपी पकड़े गए। बाकी दो की तलाश में बिहार समेत दूसरे ठिकानों पर छापेमारी जारी है।




कूरियर कंपनियों के लिए सबक

इस Jaipur silver theft मामले ने कूरियर कंपनियों की भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। बिना वेरिफिकेशन रखे कर्मचारी को कीमती पार्सलों की पूरी जानकारी थी। यह courier company theft बताता है कि सुरक्षा में छोटी चूक कितनी भारी पड़ सकती है।



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