भाजपा आउटर जयपुर से चुन सकती है नया उप-महापौर, जानें कौन है सबसे आगे?

Ashish Bhardwaj | Sept 20, 2026, 15:06 IST
जयपुर उप-महापौर
राजस्थान के जयपुर में महापौर पद के लिए भाजपा से सुनील कोठारी और कांग्रेस से सुनीता मावर मैदान में हैं। अब उप-महापौर पद के लिए भाजपा में कई नामों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महापौर पद के लिए भाजपा से सुनील कोठारी मैदान में।
  • उप-महापौर पद के लिए भाजपा में कई नामों पर मंथन।
  • भवानी सिंह राजावत का नाम सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में।
  • ओबीसी समीकरण साधने के लिए सैनी, यादव और बारेठ समाज के नाम भी चर्चा में।
  • नगर पालिका एक्ट के तहत दो उप-महापौर बनाने का फिलहाल कोई प्रावधान नहीं।

Jaipur: महापौर की कुर्सी के लिए भाजपा ने सुनील कोठारी और कांग्रेस ने सुनीता मावर को मैदान में उतारकर तस्वीर साफ कर दी है। अब नगर निगम की अगली बड़ी कुर्सी यानी उप-महापौर पद को लेकर भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कोठारी के परकोटे क्षेत्र से होने के बाद पार्टी की नजर अब ऐसे चेहरे पर है, जिससे आउटर क्षेत्र के साथ सामाजिक समीकरण भी साधे जा सकें।



आउटर को मिल सकता है डिप्टी मेयर

महापौर पद पर परकोटे क्षेत्र के सुनील कोठारी को मौका मिलने के बाद उप-महापौर के लिए आउटर क्षेत्र से चेहरा उतारने की चर्चा चल रही है। इसके लिए राजपूत, ब्राह्मण, सैनी और यादव समाज के नामों पर अलग-अलग स्तर पर बातचीत हो रही है। महापौर पद के दावेदार रहे कुछ अन्य पार्षदों को भी उप-महापौर बनाए जाने की चर्चा है। इनमें शैलेंद्र भार्गव, विमल अग्रवाल, अनुराधा माहेश्वरी और विजय अग्रवाल प्रमुख नाम हैं।



राजावत के नाम ने बढ़ाई सियासी हलचल

सिविल लाइंस के वार्ड 89 से दूसरी बार पार्षद बने भवानी सिंह राजावत पहले नगर निगम चेयरमैन भी रह चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए पिछले दो दिन से उनका नाम सोशल मीडिया पर तेजी से चल रहा है। हालांकि पार्टी स्तर पर उनकी उम्मीदवारी की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



अनारक्षित वर्ग से भी चल रहे हैं नाम

अनारक्षित वर्ग से दीपा नाथावत का नाम भी चर्चा में है। वार्ड 47 से पहली बार चुनाव जीतीं दीपा नाथावत मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। राजपूत और सवर्ण समाज के समीकरण को ध्यान में रखते हुए भी उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा वार्ड 36 से जीत दर्ज करने वाले गजेंद्र सिंह चिराना का नाम भी चर्चा में है। वे पिछले बोर्ड में चेयरमैन रह चुके हैं और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के करीबियों में गिने जाते हैं।



ओबीसी समीकरण के लिए सैनी, यादव और बारेठ के नाम

मूल ओबीसी समीकरण को साधने के लिए भी कई नाम चर्चा में हैं। वार्ड 12 से चुनाव जीते राजेंद्र सैनी दो दशक से सक्रिय हैं, उनकी पत्नी रश्मि सैनी ग्रेटर नगर निगम में उप-महापौर का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। वार्ड 10 से भाजपा की युवा पार्षद पलक यादव का नाम भी चर्चा में है, उनके पिता भी पिछली बार पार्षद रह चुके हैं और वे मूल ओबीसी वर्ग के समीकरण में फिट बैठती हैं। इसके अलावा वार्ड 23 से जीते विकास बारेठ का नाम भी लिया जा रहा है, जो ग्रेटर नगर निगम में चेयरमैन रह चुके हैं।



कांग्रेस ने नहीं खोले पत्ते

उप-महापौर पद की रेस में कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि पार्टी महापौर चुनाव का नतीजा देखने के बाद ही उप-महापौर पद को लेकर अपनी रणनीति पर काम करेगी।



दो उप-महापौर बनाने में कानूनी अड़चन

नगर पालिका एक्ट की धारा 43 के मुताबिक फिलहाल दो उप-महापौर बनाए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अगर भविष्य में दो उप-महापौर बनाने पर विचार होता है, तो इसके लिए पहले अधिनियम में संशोधन करना जरूरी होगा।



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