दिवाली शॉपिंग में जयपुर का जलवा, राजकोट और अहमदाबाद के बाद तीसरा स्थान; बाजारों में बढ़ी रौनक
नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की खरीदारी जोर पकड़ रही है। इस बार दिवाली पर जयपुर के लोग दिल खोलकर खर्च करने की तैयारी में हैं। ‘हाउ अर्बन इंडिया पे’ रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के 88% उपभोक्ता सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना या उससे ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं। इस मामले में जयपुर देश के 100 प्रमुख शहरों में राजकोट और अहमदाबाद के बाद तीसरे स्थान पर है।
फर्स्ट इंडिया फाउंडेशन और अमेजन पे की रिपोर्ट 20 राज्यों के 100 शहरों में 5,149 उपभोक्ताओं और 1,054 व्यापारियों के सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी भारत में 46% लोग दिवाली पर अपने सामान्य बजट से डेढ़ से दो गुना खर्च करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 25% लोग दो से तीन गुना और 6% लोग तीन गुना से ज्यादा खर्च कर सकते हैं। दूसरी ओर, 20% लोगों का खर्च सामान्य स्तर के आसपास और 4% का सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
फैशन, घर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर ज्यादा खर्च
त्योहारी खरीदारी में फैशन और सौंदर्य उत्पाद सबसे आगे हैं। सर्वे में 89% उपभोक्ताओं ने इस श्रेणी में खरीदारी की प्राथमिकता जताई। वहीं, 87% लोग घर और रसोई का सामान खरीदना चाहते हैं, जबकि 84% उपभोक्ता किराना और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च करेंगे। इसके अलावा, 77% लोग यात्रा, 71% इलेक्ट्रॉनिक्स और 68% घरेलू उपकरणों की खरीदारी की योजना बना रहे हैं।
गुजरात के राजकोट में 43% और अहमदाबाद में 42% उपभोक्ता सामान्य बजट से तीन गुना या अधिक खर्च करने को तैयार हैं। इससे साफ है कि दिवाली के दौरान खरीदारी को लेकर देश के कई शहरों में उत्साह बना हुआ है।
जयपुर में डिजिटल भुगतान पर भरोसा
जयपुर में त्योहारी खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान का चलन भी मजबूत नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के 88% उपभोक्ता मोबाइल ऐप, यूपीआई या कार्ड के जरिए भुगतान करेंगे। वहीं, मुंबई में क्रेडिट कार्ड से खरीदारी को ज्यादा तरजीह दी जा रही है।
सूरत, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में कपड़े, जूते और फैशन उत्पाद खरीदने के लिए ‘अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ यानी डिजिटल उधारी का इस्तेमाल ज्यादा है। कोयम्बटूर में 70% और कोच्चि में 45% लोग टीवी, फ्रिज और मोबाइल जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद खरीदने के लिए डिजिटल किस्त या ईएमआई का सहारा लेने की योजना बना रहे हैं।
व्यापारियों के लिए दिवाली क्यों है खास?
भारत के खुदरा बाजार में दिवाली का सीजन कारोबार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। अनुमान के मुताबिक, व्यापारियों के सालाना कारोबार का करीब 30 से 35% हिस्सा इसी त्योहारी सीजन से आता है। नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाला बोनस और किसानों की खरीफ फसल से होने वाली कमाई भी बाजार में खरीदारी को बढ़ावा देती है।
इस दौरान ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषण और कपड़ा कारोबार में मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। बड़ी कंपनियों से लेकर छोटे दुकानदारों तक सभी को इस सीजन का इंतजार रहता है। जयपुर में खर्च करने की बढ़ती तैयारी से कारोबारियों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है।