जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ पकड़ा
FIR और बैंक खाते फ्रीज नहीं करने के बदले मांगी रिश्वत
ACB के डीजी गोविन्द गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने जयपुर नगर चतुर्थ ACB चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी फर्म में कार्यरत कर्मचारियों की PF राशि जमा नहीं करवाने के मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य रिश्वत मांग रहा था। आरोप था कि अधिकारी FIR दर्ज नहीं करने और बैंक खाते फ्रीज नहीं करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
एक लाख रुपए लेते ही ACB ने दबोचा
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को आरोपी सोनू मौर्य ने परिवादी की फर्म के CA और सह-परिवादी की मौजूदगी में एक लाख रुपए की रिश्वत ली। इसी दौरान ACB टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की रकम बरामद की।
ACB अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई ACB उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में की गई। जयपुर नगर चतुर्थ चौकी के एडिशनल एसपी मनोज कुमार गुप्ता और उनकी टीम ने ट्रैप को अंजाम दिया। मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है।आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
EPFO कर्मचारियों के भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों का महत्वपूर्ण संगठन है। ऐसे मामलों में रिश्वतखोरी के आरोप सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करते हैं। ACB की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत और जांच प्रक्रिया की अहमियत को भी सामने लाती है।
आगे क्या?
ACB आरोपी से पूछताछ कर रिश्वत मांगने के पूरे मामले और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी। अनुसंधान के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।