चुनाव से पहले जयपुर में पकड़ी गई जाली नोटों की बड़ी खेप, जानिए पूरा मामला
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में 4.30 लाख रुपए के नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद।
- 4 आरोपी गिरफ्तार, रोहतक का अमन राणा निकला मास्टरमाइंड।
- गिरफ्तार आरोपियों में कांग्रेस के आरसी चौधरी का बेटा भी शामिल।
- आगामी निकाय चुनावों में नकली नोटों को खपाने की थी साजिश।
- बांग्लादेश से जयपुर तक जुड़े नकली नोटों के तार।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। बजाज नगर थाना पुलिस और स्पेशल टीम (CST) ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए 4.30 लाख रुपए से अधिक के नकली नोटों के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने शनिवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया। पकड़े गए आरोपियों में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी का बेटा साहिल चौधरी (निवासी सीकर) भी शामिल है।
इसके अलावा हरियाणा निवासी अंशुल, प्रियांशु और आकाश को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से लग्जरी गाड़ियां (स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर) और 500-500 रुपए के कुल 861 नकली नोट (कुल 4,30,500 रुपए) जब्त किए हैं।
बांग्लादेश से जयपुर तक फैला नेटवर्क
विशेष पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार नकली नोटों की यह बड़ी खेप मूल रूप से बांग्लादेश सीमा के जरिए भारत में लाई गई थी। गिरोह का मुख्य सरगना हरियाणा के रोहतक का निवासी अमन राणा बताया जा रहा है।
निकाय चुनाव में खपाने की थी तैयारी
पुलिस को अंदेशा है कि साहिल चौधरी ही इस नकली करंसी का जखीरा जयपुर लेकर आया था। सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि इन जाली नोटों का इस्तेमाल राजस्थान में आयोजित होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों में मतदाताओं को लुभाने व अन्य चुनावी गतिविधियों में खपाने के लिए किया जाना था। फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन नोटों की डिलीवरी किन-किन लोगों को दी जानी थी।
बीजेपी का कांग्रेस पर करारा हमला
मामले में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, पुलिस अपनी निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करेगी, लेकिन ऐसे मामलों में संबंधित राजनीतिक दल को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी पर विचार करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि उनके पदाधिकारियों के तार कहां जुड़े हैं।
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