80 हजार में बताते थे गर्भ में लड़का है या लड़की, डॉक्टर समेत तीन लोगों को रंगे हाथों पकड़ा
News In Short
- जयपुर में पीसीपीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह का पर्दाफाश किया ।
- गिरोह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से 80 हजार रुपए में लिंग परीक्षण करता था।
- पीसीपीएनडीटी डिकॉय टीम ऑपरेशन चलाकर बिछाया जाल।
- तीन आरोपियों को रंगे हाथ किया गया गिरफ्तार।
- एक आरोपी फरार, जिसकी तलाश जारी।
News In Detail
राजस्थान के जयपुर में लिंग परीक्षण करने का बड़ा मामला सामने आया है। पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से 80 हजार रुपए में लिंग परीक्षण किया जाता था। इस मामले में शामिल लोगों को रडार पर लिया गया। इसके बाद एक डॉक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पीसीपीएनडीटी डिकॉय टीम ने लिंग परीक्षण करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया। टीम ने एक अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन और कार को जब्त करते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया है।
कैसे हुआ खुलासा?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जयपुर और आसपास के जिलों में एक गिरोह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग परीक्षण करवा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद डिकॉय टीम ने आरोपी डॉ. शेर सिंह राजावत से संपर्क किया।
डॉ. राजावत ने एक गर्भवती डिकॉय महिला को 80 हजार रुपए लेकर मानसरोवर क्षेत्र के केसर चौराहा पर स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र में बुलाया। बाद में महिला को चौरड़िया पेट्रोल पंप के पास भेजा गया, जहां वह तीसरे आरोपी हरी कुमावत के संपर्क में आई। कुमावत महिला को अपनी गाड़ी में लेकर मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट में ले गया, जहां पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग जांच की गई और लड़की होने की पुष्टि की गई।
गिरफ्तारी और फरार आरोपी
गर्भवती महिला ने मौका पाकर पीसीपीएनडीटी टीम को सूचना दी। टीम ने फ्लैट में दबिश दी। यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में हरी कुमावत, शीला देवी और डॉ. शेर सिंह राजावत हैं। हालांकि, एक आरोपी जगबीर फरार है और उसकी तलाश जारी है।
आरोपियों का खुलासा
पूछताछ में यह सामने आया कि डॉ. शेर सिंह राजावत एक शातिर अपराधी है। वह गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए प्रेरित करता था। हरी कुमावत दसवीं पास है। वह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करता था। शिला देवी नर्सिंग कार्य से जुड़ी थी। वह महिलाओं को हरी कुमावत के पास भेजती थी।
अब कार्रवाई और आगे की जांच जारी
मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया है कि बेटियों को बचाने के लिए यह अभियान और तेज किया जाएगा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस पोर्टेबल मशीन से अब तक कितनी मासूम जिंदगियों का सौदा किया जा चुका है। इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। फरार आरोपी के खिलाफ जांच जारी है।
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