151 साल पुराने स्टेशन का कायाकल्प पूरा, सभी काम महिला कर्मचारियों के हाथ में

Ashish Bhardwaj | Jul 08, 2026, 13:40 IST
नए लुक में स्टेशन
राजस्थान के जयपुर का 151 साल पुराना गांधीनगर रेलवे स्टेशन नए लुक में आने को तैयार है। यह ऐसा स्टेशन है, जहां सभी कामों की कमान महिला स्टाफ के हाथ में है। यानी स्टेशन मास्टर से लेकर पॉइंट्समैन सभी महिलाएं हैं।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • जयपुर का 151 साल पुराना गांधीनगर रेलवे स्टेशन नए लुक में आने को तैयार।
  • लगभग 211 करोड़ रुपए की लागत से इस स्टेशन का कायाकल्प किया गया है।
  • पूरे स्टेशन को तीन मंजिला भवन के रूप में बनाया है, जो लगभग तैयार है।
  • इस स्टेशन से रोजाना 82 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, 14 हजार यात्रियों की आवाजाही।

Jaipur: राजस्थान में 151 साल पुराने जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का कार्य पूरा होने के करीब है। इस स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है।



इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 211 करोड़ रुपए है। रेलवे का दावा है कि स्टेशन के नवीनीकरण का अंतिम चरण में है। सभी काम फिनिशिंग स्टेज पर हैं।



तीन मंजिल का बनाया स्टेशन भवन

गांधीनगर जयपुर स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार और दूसरे प्रवेश द्वार दोनों के भवनों का निर्माण पूरा हो चुका हैं इसके साथ ही 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकर्स भी बनकर तैयार है।



पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के रूप में दो नए स्टेशन भवनों का निर्माण किया गया है। ​मुख्य प्रवेश द्वार 4,516 वर्ग मीटर में फैला है। इसे तीन मंजिला बनाया गया है।



इसी तरह ​दूसरा प्रवेश द्वार 3,029 वर्ग मीटर में फैला है। इसे भी तीन मंजिल में तैयार किया गया है। ​लगभग 2,700 वर्ग मीटर में फैला एयर कॉनकर्स रेलवे प्लेटफॉर्मों के ऊपर से दोनों स्टेशन भवनों को आपस में जोड़ता है।



स्टेशन पर चलेंगी कमर्शियल एक्टिविटीज

रेलवे के अनुसार यह न केवल यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया का काम करेगा, बल्कि इसमें एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफेटेरिया और गेमिंग ज़ोन भी होगा।


​


एयर कॉनकर्स के भीतर 2,200 वर्ग मीटर से अधिक का क्षेत्र कमर्शियल एक्टिविटीज के लिए आरक्षित किया गया है।



​पुनर्विकसित स्टेशन पर 8 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर लगाई जाएंगी। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की सुविधाओं सहित यात्रियों के लिए सभी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म के लगभग 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र को शेड से कवर किया जा रहा है।



महिला कर्मचारियों के हाथ में पूरे स्टेशन की कमान

गांधीनगर स्टेशन की शुरुआत 10 अक्टूबर 1874 को मीटर-गेज नेटवर्क पर हुई थी। इसे बाद में 1994 में ब्रॉड-गेज में बदल दिया गया।



यह उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। जयपुर के बजाज नगर इलाके में स्थित इस स्टेशन को पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जाता है। स्टेशन मास्टर से लेकर पॉइंट्समैन तक यहां के सभी कामकाज महिला कर्मचारियों के हाथ में हैं।


​


इस स्टेशन से रोजाना 82 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। यहां रोज जयपुर के मालवीय नगर, जगतपुरा, बजाज नगर, टोंक रोड और जवाहर लाल नेहरू मार्ग जैसे नजदीकी इलाकों के 14,000 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है।



यह भी रहेंगी सुविधाएं

रेलवे के अनुसार जयपुर जंक्शन की तरह गांधीनगर स्टेशन को भी कई ग्रीन बिल्डिंग विशेषताओं के साथ विकसित किया गया है।



इनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और रेनवाटर हार्वेस्टिंग शामिल हैं। स्टेशन पर 1,376 केडब्ल्यूपी का सोलर पावर प्लांट पहले ही स्थापित किया जा चुका है।



ये खबर भी पढ़े:-

अनुकंपा नौकरी के लालच में बेटी ने कराई मां की हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार



जन्मदिन पर आने वाला था जवान, तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा पार्थिव शरीर



LEEL इलेक्ट्रिकल्स प्रमोटर भरतराज पर ED का शिकंजा, 112.90 करोड़ की संपत्ति अटैच



शिक्षा विभाग में 5 हजार तबादले, 10 दिन में नई जगह जॉइन करने के निर्देश






​

Tags:
  • जवाहर लाल नेहरू
  • रेलवे
  • उत्तर पश्चिम रेलवे
  • जयपुर जंक्शन
  • गांधीनगर रेलवे स्टेशन