जयपुर में 1.23 लाख रुपए किलो बिक रही सोने की मिठाई, नौ ग्राम की अशर्फी की कीमत 1 हजार 111 रुपए
सोने के सिक्के जैसी दिखती है ‘त्योहार अशर्फी’
जयपुर के एक आउटलेट ने दिवाली के खास मौके पर ‘त्योहार अशर्फी’ मिठाई पेश की है। इसका आकार पुराने समय में इस्तेमाल होने वाली सोने की अशर्फियों जैसा रखा गया है।
मिठाई के अंदर बादाम से तैयार हिस्सा है, जबकि ऊपर खाने योग्य सोने की पतली परत और केसर से सजावट की गई है। इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो त्योहार पर अलग और महंगे उपहार देना चाहते हैं।
नौ ग्राम का पीस 1 हजार 111 रुपए में
इस मिठाई की कीमत भी खास अंदाज में तय की गई है।
- एक पीस का वजन: 9 ग्राम
- एक पीस की कीमत: 1,111 रुपए
- 9 पीस का डिब्बा: 9,999 रुपए
- एक किलो की अनुमानित कीमत: करीब 1,23,444 रुपए
दुकान की फाउंडर सीए अंजलि जैन के मुताबिक, एक पीस की कीमत 1,111 रुपए रखने के पीछे शुभ माने जाने वाले इस नंबर का भी ध्यान रखा गया है।
राजा-महाराजाओं की अशर्फियों से मिला आइडिया
अंजलि जैन के अनुसार, इस मिठाई को बनाने का विचार पुराने समय की सोने की अशर्फियों से आया। पहले के दौर में अशर्फियां समृद्धि और खुशहाली की पहचान मानी जाती थीं और खास अवसरों पर इन्हें उपहार के रूप में देने की परंपरा भी रही थी।
इसी परंपरा को मिठाई के रूप में पेश करने की कोशिश की गई है। कंपनी का उद्देश्य इसे ऐसा दिवाली गिफ्ट बनाना है, जो देखने में अलग हो और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाए।
नौ रंगों और स्वादों में काजू कतली भी
जयपुर के इस आउटलेट ने ‘त्योहार अशर्फी’ के साथ ‘त्योहार नवरत्न’ नाम से काजू कतली का विशेष कलेक्शन भी तैयार किया है।
इसमें काजू कतली की नौ अलग-अलग वैरायटी शामिल हैं। इन्हें पारंपरिक रत्नों के रंग और स्वाद से प्रेरित होकर बनाया गया है।
- पिस्ता फ्लेवर की हरी काजू कतली को पन्ने से प्रेरित बताया गया है।
- केसर वाली पीली काजू कतली को पुखराज से जोड़ा गया है।
- गुलाब के स्वाद वाली मिठाई मूंगे से प्रेरित है।
- स्ट्रॉबेरी वाली लाल काजू कतली को माणिक जैसा रंग दिया गया है।
- क्लासिक, आम और अन्य फ्लेवर भी कलेक्शन में शामिल हैं।
आर्टिफिशियल रंगों की जगह प्राकृतिक फ्लेवर का दावा
अंजलि जैन का कहना है कि इन मिठाइयों में आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अलग-अलग रंग और स्वाद देने के लिए पिस्ता, केसर, गुलाब, स्ट्रॉबेरी और आम जैसी सामग्री का उपयोग किया गया है।
हालांकि, सोने की परत वाली मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसमें इस्तेमाल किया गया सोना खाने योग्य हो और सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
यह खबर क्यों जरूरी है
दिवाली पर मिठाई और उपहार देने की परंपरा के बीच बाजार में नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। सोने की परत वाली अशर्फी और अलग-अलग फ्लेवर की काजू कतली इस बात का उदाहरण हैं कि त्योहारों पर प्रीमियम गिफ्टिंग का चलन बढ़ रहा है। वहीं, इसकी कीमत आम मिठाइयों की तुलना में काफी ज्यादा होने के कारण यह खास वर्ग के ग्राहकों के लिए आकर्षण बन सकती है।
आगे क्या?
दिवाली के दौरान जयपुर में इस तरह की प्रीमियम मिठाइयों की मांग और ग्राहकों की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। सोने की परत वाली अशर्फी उन लोगों के लिए खास गिफ्ट विकल्प बन सकती है, जो त्योहार पर पारंपरिक मिठाई के बजाय कुछ अलग और महंगा उपहार देना चाहते हैं।