7 बीघा जमीन पर कब्जे का खेल, 2 पुलिस अफसरों समेत 10 लोगों पर केस, SOG का बड़ा एक्शन

Ashish Bhardwaj | Mar 13, 2026, 11:55 IST
Photograph: (the sootr)
जयपुर के गोल्यावास में 7 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए भू-माफियाओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलीभगत की। एसओजी ने इस मामले में तत्कालीन शिप्रा पथ और पत्रकार कॉलोनी थाने के थानाधिकारियों समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

News In Detail

  • जयपुर में बेशकीमती जमीन हथियाने के मामले में एसओजी का बड़ा एक्शन।
  • पुलिस अधिकारियों और माफिया के गठजोड़ का मामला आया सामने।
  • जयपुर में दो थानेदारों समेत 10 लोगों पर एसओजी ने दर्ज किया मामला।
  • फर्जी दस्तावेज के आधार पर 14 बिस्वा जमीन के फर्जी पट्टे बनवाए गए।
  • जांच का विषय क्या फर्जीवाड़े में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका।

News In Short

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बेशकीमती जमीन हथियाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने बड़ा एक्शन किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसओजी ने शिप्रा पथ थाने के तत्कालीन थानाधिकारी और पत्रकार कॉलोनी थाने के तत्कालीन थानाधिकारी समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।



​क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला जयपुर में गोल्यावास स्थित 7 बीघा जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की कोशिश की। इस संबंध में शंकर वाटिका गोल्यावास के शंकर लाल शर्मा ने 11 मार्च को एसओजी में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी का आरोप है कि आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें डराया-धमकाया और उनकी पैतृक भूमि को हड़पने का षड्यंत्र रचा।



​इन लोगों पर हुआ एक्शन

एसओजी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में पुलिस बेड़े के साथ ही माफिया से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल हैं। मुख्य आरोपियों में शिप्रा पथ थाने के तत्कालीन एसएचओ ​नरपत सिंह, पत्रकार कॉलोनी थाने के तत्कालीन एसएचओ ​गजेन्द्र सिंह, अशोक, पंकज कुमार, अशोक शर्मा शामिल हैं। इनके खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।



​फर्जी दस्तावेजों से बाहुबली नगर बसाने की साजिश

​जांच में सामने आया कि आरोपियों ने साल 1993 की एक फर्जी बैक-डेटेड डीड तैयार की थी। इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर 14 बिस्वा जमीन के फर्जी पट्टे बनवाए गए। इन कागजों का उपयोग कर सालासर गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के जरिए उक्त भूमि पर 'बाहुबली नगर विस्तार' नाम से अवैध कॉलोनी काटने का प्रयास किया गया।



हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस अधिकारियों ने जमीन के वास्तविक मालिकों की सुरक्षा करने के बजाय भू-माफियाओं को संरक्षण दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया, तो पुलिस की धौंस दिखाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई।



जांच में देखा जा रहे ये तथ्य

एसओजी ने मामले की गंभीरता और पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि ​क्या इस फर्जीवाड़े में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल थे? ​क्या इन थानाधिकारियों ने पहले भी इस तरह के भूमि विवादों में अनुचित हस्तक्षेप किया है? ​कितनी राशि का लेन-देन इस अवैध कब्जे को अंजाम देने के लिए किया गया?



आगे क्या

जयपुर में जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच पुलिस और भू-माफियाओं का यह गठजोड़ शहर की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। एसओजी की इस एफआईआर के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।



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