जयपुर में 2 करोड़ के GPS उपकरण चोरी, कंपनी के 2 कर्मचारी गिरफ्तार; 4826 फर्जी ऑर्डर बनाकर बेचे डिवाइस
पुराने ग्राहक की ID से बनाए 4826 फर्जी ऑर्डर
पुलिस के मुताबिक, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेवेन्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के शिपिंग सिस्टम में सेंध लगाकर बैंकिंग GPS उपकरण चोरी किए गए। पिछले 4 से 6 महीनों के दौरान शिपरॉकेट खाते में करीब 2 करोड़ रुपए के 4826 फर्जी ऑर्डर तैयार किए गए।
इन ऑर्डर को प्रीपेड दिखाया गया, जबकि कंपनी के पेमेंट गेटवे पर भुगतान की कोई एंट्री नहीं थी। आरोपियों ने पुराने ग्राहकों के नाम, ई-मेल और असली ऑर्डर ID की नकल कर फर्जी ऑर्डर बनाए।
डिलीवरी से पहले बदल देते थे मोबाइल नंबर
फर्जी ऑर्डर तैयार करने के बाद आरोपी डिलीवरी एड्रेस बदल देते थे। मोबाइल नंबर भी बदलकर OTP अपने नंबरों पर मंगवाए जाते थे। इसके जरिए उपकरण अलग-अलग जगहों पर डिलीवर करवाए गए।
जांच में करीब 4500 उपकरणों को अलग-अलग पते पर मंगवाकर बाजार में कम कीमत पर बेचने की बात सामने आई है। जयपुर में करीब 1500 पार्सल की डिलीवरी होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
कंपनी के दो कर्मचारी निकले आरोपी
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के अनुसार, तकनीकी जांच और विश्लेषण के बाद पुलिस ने कंपनी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अजरुद्दीन उर्फ अजहर (22) और मोहम्मद जैद (23), निवासी ईदगाह गलतागेट के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने ऑर्डर बुक करने के बाद डिलीवरी एड्रेस बदलकर उपकरण अपने पास मंगवाए और बाद में बाजार में बेच दिए। कंपनी के निदेशक सार्थक जैन ने 29 अक्टूबर को सांगानेर सदर थाने में FIR दर्ज करवाई थी।
162 GPS डिवाइस, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपए बरामद
सांगानेर सदर थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 162 GPS 8.0 उपकरण, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा चोरी के उपकरण बेचकर मिली रकम से खरीदा गया लैपटॉप, प्रिंटर, सिलाई मशीनें और कुर्सियां भी जब्त की गई हैं।
बैंकिंग लेन-देन में इस्तेमाल होते हैं GPS उपकरण
रेवेन्स GPS 8.0 उपकरणों का इस्तेमाल SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के जरिए होने वाले बैंकिंग लेन-देन में किया जाता है।
प्रत्येक डिवाइस का अलग सीरियल नंबर कंपनी के प्लेटफॉर्म पर दर्ज रहता है। पुलिस अब चोरी किए गए उपकरणों की पहचान और उनकी सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
इस मामले में डिजिटल ऑर्डर सिस्टम और ग्राहक खातों का दुरुपयोग कर बड़े स्तर पर चोरी किए जाने का आरोप है। कंपनी के कर्मचारियों की कथित संलिप्तता और हजारों फर्जी ऑर्डर तैयार होने से ऑनलाइन ऑर्डर सुरक्षा और भुगतान सत्यापन की अहमियत सामने आती है।
आगे क्या?
पुलिस अब चोरी किए गए उपकरणों के खरीदारों, अन्य संभावित आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। बेचे गए GPS उपकरणों की बरामदगी और फर्जी ऑर्डर से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।