जयपुर: थाने में आरोपी की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, पुलिस कमिश्नर समेत अफसरों को नोटिस
राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग ने मुहाना पुलिस थाने में ठगी के आरोप में पकड़े गए आरोपी ऋतुराज की पुलिस की कथित मारपीट से इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में प्रसंज्ञान लिया है।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जी.आर.मूलचन्दानी की ने जयपुर पुलिस आयुक्त,जिला मजिस्ट्रेट तथा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (मानवाधिकार) को नोटिस जारी कर जांच करके रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैें।
खबरों के आधार पर लिया प्रसंज्ञान
आयोग ने इस संबंध में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर प्रसंज्ञान लिया है। आरोप है कि मंदसौर निवासी आरोपी ऋतुराज की मुहाना पुलिस ने हिरासत में कथित मारपीट की थी। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और वह करीब 15 दिनों से इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर था। इलाज के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई थी।
मृतक के परिजनों ने मुहाना पुलिस पर थाने और होटल में बर्बर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि,पुलिस का दावा है कि मारपीट थाने में नहीं बल्कि होटल में हुई थी और इसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है।
कानून के राज में बंदी से नहीं हो सकती मारपीट
आयोग ने कहा है कि कानून के राज में किसी भी बंदी के साथ मारपीट नहीं की जा सकती। इस संबंध में समय-समय पर कई फैसले हुए हैं। आयोग ने मुहाना पुलिस थाने की संबंधित सीसीटीवी रिकार्डिंग को सीलबंद कर सुरक्षित रखने और आईपीएस अधिकारी से जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।