दोस्त को मारा, फिर व्हाट्सएप पर लिखा हरिशंकर लापता है, अब पुलिस ने खोला राज
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में एक करोड़ की उधारी न चुकाने के लिए दोस्त ने व्यापारी की हत्या की।
- आरोपी सीताराम ने हरिशंकर को रुपए लौटाने के बहाने बुलाकर पत्थर से कुचला।
- शव को प्लास्टिक बोरे में बंद कर 30 घंटे तक छुपाया, फिर कार में डालकर ले गया।
- गुमराह करने के लिए आरोपी ने दोस्त के लापता होने का व्हाट्सएप स्टेटस लगाया।
- मृतक की पत्नी का 2017 में निधन हो गया था, वह तीन बेटियों का इकलौता सहारा था।
जयपुर में एक करोड़ रुपए की उधारी चुकाने से बचने के लिए एक सीए (Chartered Accountant) ने अपने व्यापारी दोस्त की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी सीताराम ने हरिशंकर को रुपए लौटाने का झांसा देकर बुलाया और पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी।
शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर करीब 30 घंटे चारे में छुपाए रखा। फिर एक दोस्त की कार की डिक्की में डालकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। ऊपर से लोगों को गुमराह करने के लिए खुद वॉट्सएप स्टेटस लगाया कि हरिशंकर का रात से अता-पता नहीं है। आखिरकार दोस्त ने पुलिस को सूचना दी और सीताराम गिरफ्तार हो गया।
एक करोड़ की थी उधारी
सीताराम सांगानेर, टोंक रोड पर CA का ऑफिस चलाता है। वह हॉस्टल बनवा रहा था। इसके लिए उसने अपने पुराने दोस्त हरिशंकर से 50 लाख रुपए उधार लिए। इसके अलावा बजरी, सीमेंट, रोड़ी, पत्थर और ईंटें भी उधारी पर लीं।
धीरे-धीरे यह कर्ज बढ़ते-बढ़ते एक करोड़ रुपए तक पहुंच गया। जब हरिशंकर ने पैसे मांगे तो विवाद हो गया। सीताराम ने जमीन बेचकर रकम लौटाने का आश्वासन दिया।
रुपए देने के बहाने बुलाया, पत्थर से कुचला
13 जून को सीताराम ने हरिशंकर को शाम 7 बजे रुपए लौटाने के बहाने अपने पास बुलाया। वहां पहुंचते ही उसने हरिशंकर पर पत्थर से हमला कर दिया और सिर कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद किया और घर के पास चारे में छुपा दिया।
गुमराह करने को लगाया व्हाट्सएप स्टेटस
हत्या के बाद सीताराम ने 14 जून को अपने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया जिसमें लिखा था कि हरिशंकर का रात से अता-पता नहीं है। गांव वालों को लगा कि सीताराम दोस्त की गुमशुदगी से परेशान और चिंतित है।
लेकिन दोस्त की तलाश का स्टेटस लगाने वाला खुद ही उसका हत्यारा था। इसी बीच हरिशंकर के भाई प्रहलाद शर्मा ने 14 जून को शिवदासपुरा पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई।
कार की डिक्की में शव, रात भर घूमता रहा
14 जून की रात सीताराम ने एक अन्य दोस्त से जरूरी काम का बहाना बताकर उसकी वैगन आर कार ली। रात भर वह शव को कार की डिक्की में रखकर ठिकाने लगाने के लिए घूमता रहा। लेकिन शव कहीं छुपाने में कामयाब नहीं हो सका।
दूसरे दोस्त ने किया पर्दाफाश
15 जून की तड़के 4 बजे सीताराम ने कार देने वाले दोस्त को फोन कर बुलाया। शव ठिकाने लगाने में मदद मांगी। इसके बदले 10 लाख रुपए देने का लालच भी दिया। लेकिन उस दोस्त ने सीताराम की बात नहीं मानी। उसने तुरंत शिवदासपुरा पुलिस को सूचना दे दी।
डीसीपी नॉर्थ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीताराम को गिरफ्तार कर लिया। कार से हरिशंकर का शव बरामद किया गया। आरोपी के पास से 6.50 लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए। कार भी जब्त कर ली गई।
तीन नाबालिग बेटियों से छिन गया आखिरी सहारा
इस हत्याकांड ने सिर्फ एक व्यापारी की जान नहीं ली, बल्कि तीन मासूम बेटियों की दुनिया उजाड़ दी। हरिशंकर की पत्नी का 2017 में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। उस समय उनकी सबसे छोटी बेटी महज तीन साल की थी।
पत्नी के जाने के बाद हरिशंकर ने अकेले तीनों बेटियों को पाला। उनकी पढ़ाई, देखभाल और जरूरतें, सब कुछ हरिशंकर ही संभालते थे।
आज बड़ी बेटी 15 साल की है और 11वीं कक्षा में है। सबसे छोटी बेटी चौथी कक्षा में पढ़ती है। रिश्तेदारों का कहना है कि बेटियों की पूरी दुनिया सिर्फ उनके पिता के इर्द-गिर्द थी।
परिजन भी आरोपी, 9 लोगों पर मामला
रिपोर्ट के अनुसार सीताराम के परिजन कैलाश, सूजीलाल, गोपाल, रामलाल, रामनिवास सहित कुल 9 लोगों पर हत्या का आरोप है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है।
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