जयपुर नगर निगम के सफाई अभियान पर विवाद, कांग्रेस का आरोप- भाजपा के वार्डों में पहले सफाई, हमारे वार्डों का नंबर दिवाली बाद
जयपुर नगर निगम के विशेष सफाई अभियान को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में दिवाली से पहले सफाई कराई जा रही है, जबकि कांग्रेस पार्षदों के कई वार्डों में नवंबर के आखिरी सप्ताह और दिसंबर तक की तारीखें तय की गई हैं। कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया और सफाई अभियान का कैलेंडर बदलने की मांग की।
कांग्रेस पार्षदों का सवाल है कि जब दिवाली से पहले पूरे शहर की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं, तो कुछ वार्डों को दिसंबर तक इंतजार क्यों करना पड़ेगा? हालांकि, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने राजनीतिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
सफाई कैलेंडर में अक्टूबर से दिसंबर तक की तारीखें
नगर निगम का विशेष सफाई अभियान 8 अक्टूबर से शुरू हुआ है। इसके तहत अलग-अलग जोन में वार्डवार सफाई की तारीखें तय की गई हैं। उपलब्ध सफाई कैलेंडर के मुताबिक, किशनपोल जोन के वार्ड 105 में 30 अक्टूबर और वार्ड 110 में 2 नवंबर को विशेष सफाई प्रस्तावित है। वहीं वार्ड 119, 137, 143 और 147 में नवंबर के आखिरी सप्ताह से दिसंबर तक की तारीखें रखी गई हैं।
किशनपोल जोन में विशेष सफाई की तारीखें
| वार्ड नंबर | सफाई की तारीख |
|---|---|
| 105 | 30 अक्टूबर |
| 110 | 2 नवंबर |
| 119 | 27 नवंबर |
| 137 | 2 दिसंबर |
| 143 | 4 दिसंबर |
| 147 | 8 दिसंबर |
आदर्श नगर जोन में भी वार्ड 118, 124, 127, 129 और 132 की सफाई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के मध्य तक निर्धारित है। वहीं वार्ड 103 के लिए 2 दिसंबर की तारीख रखी गई है।
फारुख खान बोले- कांग्रेस के वार्डों की अनदेखी हो रही
वार्ड 19 के पार्षद फारुख खान ने आरोप लगाया कि नगर निगम कांग्रेस पार्षदों के वार्डों की लगातार अनदेखी कर रहा है। दिवाली नजदीक है, लेकिन कांग्रेस के कई वार्डों में विशेष सफाई की तारीखें त्योहार के बाद रखी गई हैं।
उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। पार्षदों की शिकायत है कि कई बार सफाई निरीक्षक और मुख्य सफाई निरीक्षक फोन नहीं उठाते। इससे वार्डों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता।
भरत मेघवाल ने पूछा- किस आधार पर तय हुई तारीखें?
वार्ड 84 के पार्षद भरत मेघवाल ने नगर निगम से सफाई अभियान का कैलेंडर दोबारा जांचने की मांग की है। मेघवाल ने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर कुछ वार्डों में पहले और दूसरे वार्डों में बाद में सफाई कराने का फैसला लिया गया? उनका कहना है कि नगर निगम को सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। त्योहार से पहले हर वार्ड में सफाई की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी
जयपुर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वच्छता उत्सव के कैलेंडर में भाजपा पार्षदों के वार्डों को प्राथमिकता दी गई है, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों को पीछे रखा गया है।
सुनील शर्मा ने निगम आयुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेस पार्षदों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सफाई कैलेंडर में बदलाव की मांग करते हुए चेतावनी दी कि भेदभाव दूर नहीं किया गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
सफाई कर्मचारी हटाने पर पार्षद ने किया विरोध
सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड 138 की पार्षद दीपिका शर्मा ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने अपने वार्ड से सफाई कर्मचारी हटाए जाने का आरोप लगाते हुए जोन कार्यालय में विरोध किया।
दीपिका शर्मा का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और उनका पत्र भी नहीं लिया। विरोध में वह अधिकारी की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गईं।हालांकि, अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार के आरोप से इनकार किया। उनका कहना था कि उप आयुक्त ने पार्षद की मांग स्वीकार नहीं की थी।
निगम आयुक्त बोले- भाजपा और कांग्रेस में कोई भेदभाव नहीं
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कांग्रेस पार्षदों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विशेष सफाई अभियान में किसी भी वार्ड को राजनीतिक आधार पर प्राथमिकता नहीं दी गई है।
आयुक्त के मुताबिक, नगर निगम का उद्देश्य पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाना है। सभी वार्डों को अभियान में शामिल किया गया है। तारीखों में दिखाई दे रहा अंतर संयोग हो सकता है। पार्षदों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोप पर भी आयुक्त ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि पार्षदों की समस्याएं सुनी गई हैं और उनके समाधान का भरोसा दिया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी दिसंबर तक सफाई का कैलेंडर क्यों?
इस विवाद में सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों को लेकर उठ रहा है। मुख्यमंत्री ने 5 अक्टूबर को शहरी निकायों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में दिवाली से पहले सफाई, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट से जुड़े जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद नगर निगम के विशेष सफाई अभियान में कई वार्डों की तारीखें नवंबर के आखिरी सप्ताह और दिसंबर तक रखी गई हैं। ऐसे में सवाल है कि जिन वार्डों में विशेष सफाई दिसंबर में प्रस्तावित है, वहां दिवाली से पहले क्या व्यवस्था होगी? क्या इन वार्डों में नियमित सफाई के अलावा कोई अतिरिक्त अभियान चलाया जाएगा?