जयपुर: निकाय चुनाव टिकट वितरण पर खाचरियावास की दो टूक-बेईमानों की होगी छुट्टी
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का टिकट फॉर्मूला साफ
- प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा घर बैठने वालों को नहीं मिलेगा टिकट
- लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वालों की भी होगी छुट्टी
- खाचरियावास ने जयपुर में कहा कि ईमानदार कार्यकर्ताओं को मिलेगी तरजीह
- राजस्थान के 309 शहरी निकायों के लिए जल्द घोषित होंगी चुनाव की तारीखें
राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव |को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। टिकट के लिए दावेदारों की भीड़ बढ़ने लगी है। इसी बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बड़ा बयान दिया। जयपुर में उन्होंने पार्टी की टिकट रणनीति साफ कर दी। उनका कहना है कि टिकट सिर्फ ईमानदार कार्यकर्ताओं को मिलेगा।
प्रताप खाचरियावास ने टिकट वितरण का फॉर्मूला बताया
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी काम हुआ था। ऐसे लोगों को टिकट नहीं मिलेगा। जो नेता गड़बड़ी में शामिल थे, उन पर भी यही नियम लागू होगा। चुनाव के समय घर बैठे रहने वालों की दावेदारी भी कमजोर है। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को अब उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। पार्टी इस बार सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
सिफारिश से नहीं मिलेगा निकाय चुनाव का टिकट
खाचरियावास ने कहा कि बड़े नेता की सिफारिश अब काम नहीं आएगी। व्यक्तिगत पहुंच का भी कोई फायदा नहीं होगा। उनके अनुसार सिर्फ पार्टी के प्रति निष्ठा मायने रखेगी। साथ ही चुनाव के दौरान किया गया काम भी देखा जाएगा।
यह बयान उन नेताओं के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा, जो कुछ नेता बड़े नेताओं के सहारे टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। खाचरियावास ने यह उम्मीद खारिज कर दी।
कांग्रेस के खिलाफ काम करने वालों को टिकट नहीं
पूर्व कैबिनेट मंत्री खाचरियावास ने कहा कि कुछ लोगों ने पहले बदमाशी की थी। ऐसे लोगों को निकाय चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। जो लोग चुपचाप घर बैठ गए थे, वे भी इस दायरे में आएंगे। जिन नेताओं ने पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया था, उन्हें किसी भी सूरत में इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा।
खाचरियावास ने जयपुर से लड़ा था लोकसभा चुनाव
पूर्व मंत्री खाचरियावास ने बताया कि उन्होंने खुद जयपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसलिए उस दौरान के हालात की उन्हें पूरी जानकारी है। किसने पार्टी के लिए काम किया, यह उन्हें अच्छी तरह पता है। किसने विरोध में काम किया, यह भी उन्हें मालूम है।
उन्होंने कहा कि सिफारिश से टिकट मिलने की गलतफहमी में कोई न रहे। जिन लोगों ने उस समय बदमाशी की थी, उन्हें टिकट नहीं मिलेगा। यह नियम आठों विधानसभा पर लागू होगा।
जयपुर की आठों सीटों पर है नजर
खाचरियावास जयपुर की आठों सीटों के कार्यकर्ताओं को अच्छी तरह जानते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में कौन सक्रिय था, इसकी उन्हें पूरी जानकारी है। कौन सक्रिय नहीं था, यह भी उन्हें पता है। कौन बदमाशी में लगा था, यह भी वे जानते हैं। इसलिए सिर्फ ईमानदार कार्यकर्ताओं को ही टिकट मिलेगा।
खाचरियावास ने टिकट चयन प्रक्रिया पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी बेईमान का नाम पैनल में आया, तो वे उसे रोकेंगे। उन्होंने कहा कि वे सालों से इस स्थिति से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार आठों विधानसभा में कई ऐसे लोग हैं। इन लोगों ने लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी की थी। ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में टिकट नहीं मिलेगा।
राजस्थान के निकाय-पंचायत चुनाव क्यों अहम?
राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव स्थानीय राजनीति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों की दिशा यहीं से तय होती है। इसी वजह से टिकट वितरण हर पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव संगठन को मजबूत करने का मौका भी है।
खाचरियावास का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। जो लोग पार्टी के लिए मैदान में डटे रहे, उन्हें फायदा मिल सकता है। वहीं जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर काम किया, उनकी राह मुश्किल हो सकती है।
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