जयपुर में 25 मकानों-दुकानों पर चला बुलडोजर, जगतपुरा से रिंग रोड तक रास्ता होगा आसान
जगतपुरा को इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड से सीधा जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। इंदिरा गांधी नगर में सड़क के बीच आ रहे 25 मकान-दुकानों को शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया गया। हाउसिंग बोर्ड की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ करीब चार घंटे कार्रवाई की। इससे सड़क के सबसे संकरे हिस्से को चौड़ा करने की राह खुल गई है।
200 फीट सड़क पर 30 फीट का बॉटलनेक
यह सड़क करीब 8.5 किलोमीटर लंबी है। योजना के मुताबिक इसकी चौड़ाई 200 फीट रखी गई थी। लेकिन इंदिरा गांधी नगर में करीब 400 मीटर हिस्से में चौड़ाई घटकर सिर्फ 30 फीट रह गई थी। यानी प्रस्तावित चौड़ाई का सातवें हिस्से से भी कम।
इस बॉटलनेक (संकरा हिस्सा, जहां ट्रैफिक अटकता है) की वजह से दोनों तरफ के वाहन परेशान होते थे। पूरी सड़क का यह छोटा सा हिस्सा पूरे रूट की सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ था।
25 साल पुरानी योजना, स्टे से अटका काम
इस सड़क की योजना करीब 25 साल पहले इंदिरा गांधी नगर की बसावट के समय बनी थी। तभी 200 फीट सड़क प्रस्तावित की गई थी। सड़क करीब 20 साल पहले बन भी गई थी। लेकिन बीच के हिस्से में मकान-दुकान मालिकों ने अदालत से स्टे ले लिया था। इसी वजह से यह हिस्सा दो दशक तक संकरा बना रहा।
कोर्ट स्टे खारिज होते ही खुला रास्ता
जनवरी 2026 में अदालत ने यह स्टे खारिज कर दिया। कोर्ट स्टे खारिज होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का रास्ता खुला। अब Rajasthan Housing Board ने 25 मकान-दुकान हटाकर सड़क के लिए जगह खाली करा दी है।
सात दिन पहले मिला था नोटिस
हाउसिंग बोर्ड ने कार्रवाई से सात दिन पहले प्रभावित लोगों को नोटिस दिए थे। अधिकारियों के मुताबिक लोगों ने स्ट्रक्चर हटाने पर सहमति जताई। उन्होंने खुद मकान-दुकान खाली कर दिए।
मुआवजे की प्रक्रिया जारी
हाउसिंग बोर्ड के मंडल उपायुक्त राजेश व्यास ने कार्रवाई की जानकारी दी। उनके मुताबिक सभी प्रभावित स्ट्रक्चर सहमति से हटाए गए हैं। अब जेडीए (JDA – Jaipur Development Authority) यहां सड़क बना सकेगा। व्यास ने बताया कि प्रभावितों के मुआवजे की प्रक्रिया भी चल रही है।
चार घंटे चली कार्रवाई
कार्रवाई की शुरुआत गंगा मार्ग पर दुकानें हटाने से हुई। इसके बाद दो मंजिला मकान-दुकानों को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इस इंदिरा गांधी नगर अतिक्रमण कार्रवाई को देखने मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मशीन खराब, पेड़ भी चपेट में
सुबह करीब 11:30 बजे कार्रवाई के दौरान पोकलैंड मशीन खराब हो गई। इससे कुछ देर काम रुका रहा। कार्रवाई के दौरान कुछ पेड़ भी इसकी चपेट में आ गए।
रोज 4 हजार वाहन, हर महीने हादसे
इस सड़क पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यहां से रोज करीब 4 हजार वाहन गुजरते हैं। संकरे हिस्से में दोनों तरफ का ट्रैफिक एक ही लेन से निकलता था। इससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता था।
एक महीने में यहां 10 से 12 हादसे होने की बात सामने आई है। यानी साल भर में 120 से ज्यादा हादसे। क्या इन हादसों को समय रहते रोका जा सकता था?
खातीपुरा रेलवे स्टेशन से बढ़ा दबाव
खातीपुरा रेलवे स्टेशन विकसित होने के बाद इस रूट पर वाहन बढ़े हैं। स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है। ऐसे में संकरे हिस्से पर जाम और हादसे दोनों बढ़ गए थे।
अब आगे क्या
अतिक्रमण हटने के बाद सड़क को उसकी प्रस्तावित चौड़ाई तक बनाने का रास्ता खुल गया है। इससे जगतपुरा से इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड तक सफर आसान होने की उम्मीद है। Jagatpura Ring Road कनेक्टिविटी पूरी होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
अगर आप रोज जगतपुरा से इस रास्ते पर निकलते हैं, तो आने वाले महीनों में फर्क दिखेगा। लेकिन असली सवाल यह है कि जेडीए यह सड़क कब तक बनाकर तैयार करेगा? इसकी समय सीमा अभी तय नहीं बताई गई है।