जयपाल पूनिया मर्डर केस में पूर्व विधायक के भाई सहित 9 आरोपियों को उम्रकैद, 2 को मिला संदेह का लाभ
News In Short
- जयपाल पूनिया हत्याकांड में 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, 2 को साक्ष्यों के अभाव में किया बरी।
- मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी और अन्य आरोपियों ने जयपाल की हत्या के लिए की थी रेकी।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित पांच आरोपियों को मई 2022 में किया था गिरफ्तार।
- जयपाल पूनिया की पत्नी संतरा पूनिया ने न्यायपालिका के फैसले को सराहा।
- 14 मई 2022 को नावां में हुई जयपाल पूनिया की दिनदहाड़े हुई थी हत्या ।
News In Detail
एडीजे न्यायालय कुचामन सिटी ने नावां के बहुचर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में दोषी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में 11 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया, जबकि दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह मामला चार साल पहले नावां में नमक कारोबारी और हिस्ट्रीसीटर जयपाल पूनिया की दिनदहाड़े हत्या से जुड़ा है।
मुख्य आरोपी है पूर्व विधायक का भाई
वारदात का मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी, जो कि नावां से कांग्रेस पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौधरी का भाई है। इस मामले का मुख्य आरोपी है। मोती सिंह चौधरी के अलावा शार्प शूटर रणजीत, फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार को भी हत्या का दोषी ठहराया गया है।
कैसे हुई घटना
यह सनसनीखेज हत्याकांड 14 मई 2022 को नावां सिटी के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास हुआ था। उस दिन बोलेरो गाड़ी में सवार 4-5 बदमाशों ने जयपाल पूनिया की कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों ने पहले कार के शीशे तोड़े और फिर नजदीक से गोलियां बरसाईं। गंभीर रूप से घायल जयपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया था।
घटना से पहले की थी रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी ने वारदात से पहले जयपाल पूनिया की रेकी की थी। इसके बाद उसने शार्प शूटर रणजीत सहित अन्य आरोपियों को लोकेशन बताई गई और फायरिंग के लिए भेजा। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। यहां तक कि मुख्य आरोपी ने जयपाल को जयपुर ले जाते वक्त उसका पीछा भी किया, ताकि उसे उसकी स्थिति की जानकारी मिल सके।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने 17 मई 2022 को मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी सहित पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीम ने जून 2022 तक अन्य आरोपियों को पकड़ लिया। कुछ फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया था, और उन्हें विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
न्यायपालिका पर विश्वास
फैसले के दौरान मृतक की पत्नी संतरा पूनिया भी न्यायालय में उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था कि उन्हें न्याय मिलेगा। संतरा पूनिया ने कहा कि फैसला उनकी उम्मीदों के अनुसार है, लेकिन इस दर्द को वह कभी भूल नहीं सकतीं।
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