जयपुर में PWD इंजीनियर की मौत, पूर्व सांसद रतन सिंह का आरोप, बेटे को जहर देकर मारा; बहू-पोते समेत 5 पर FIR
समझें क्या है पूरा मामला
- PWD एक्सईएन राजेंद्र प्रताप सिंह की मौत 11 सितंबर को हुई थी।
- पिता रतन सिंह की शिकायत पर 29 सितंबर को FIR दर्ज की गई।
- CCTV कैमरे तोड़ने और DVR में साक्ष्य होने का दावा किया गया है।
- बहू के पिता विमल ने आरोपों को खारिज करते हुए संपत्ति विवाद में फंसाने की बात कही है।
- पुलिस ने मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक्सईएन राजेंद्र प्रताप सिंह की मौत का मामला नया मोड़ ले चुका है। उनके पिता और भरतपुर के पूर्व सांसद रतन सिंह ने अपनी पुत्रवधू नीतू सिंह, पोते सौरव सिंह और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में हत्या, सबूत मिटाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
रतन सिंह का आरोप है कि उनके बेटे को जहर देकर मारा गया। उन्होंने संपत्ति और नौकरी से जुड़े विवाद को इसकी वजह बताया है। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है।
राजेंद्र प्रताप सिंह की मौत 11 सितंबर को हुई थी। उनके पिता के मुताबिक, घटना के समय नीतू सिंह और सौरव घर पर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि मौत के समय राजेंद्र के होंठ नीले पड़ गए थे।
इसके बाद 12 सितंबर को जवाहर सर्किल थाने में मौत के संबंध में शिकायत दर्ज की गई। रतन सिंह की शिकायत के आधार पर 29 सितंबर को हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और धमकी देने के आरोपों में FIR दर्ज हुई। रतन सिंह वर्ष 2009 से 2014 तक कांग्रेस के टिकट पर भरतपुर से लोकसभा सांसद रहे थे।
संपत्ति और नौकरी को लेकर विवाद का आरोप
रतन सिंह के अनुसार, राजेंद्र प्रताप सिंह और नीतू सिंह की शादी 11 मई 2005 को हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। राजेंद्र ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मामला भी दायर किया था।
शिकायत के मुताबिक, नीतू और सौरव करीब 6-7 साल अलग रहने के बाद मई 2026 में फिर राजेंद्र के साथ रहने लगे थे। इसके बाद घर और पैसों को लेकर विवाद बढ़ने का आरोप लगाया गया है।
रतन सिंह ने दावा किया कि उनकी बहू नौकरी और संपत्ति हासिल करना चाहती थी। इसी विवाद के चलते बेटे की हत्या किए जाने की आशंका उन्होंने जताई है। यह आरोप फिलहाल शिकायत का हिस्सा हैं, पुलिस की ओर से इनकी पुष्टि नहीं की गई है।
बहू-पोते पर धमकी देने का आरोप
शिकायत में रतन सिंह ने आरोप लगाया कि 4 सितंबर को नीतू और सौरव ने मकान और पैसों को लेकर राजेंद्र से विवाद किया था। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
रतन सिंह के मुताबिक, राजेंद्र ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपने साथ हो रहे विवाद और धमकियों के बारे में बताया था। उन्होंने नीतू के पिता विमल और उसके भाइयों पर भी फोन के जरिए धमकी देने का आरोप लगाया है।
CCTV कैमरे तोड़ने का भी दावा
रतन सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया कि 4 और 5 सितंबर को घर में लगे CCTV कैमरे तोड़ दिए गए थे। उनका दावा है कि ऐसा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने घर के DVR में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मौजूद होने की बात भी कही है।
अब जांच में CCTV कैमरों, DVR, मौत से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों के बयानों की अहम भूमिका है। हालांकि, जांच में क्या सामने आया है, इस बारे में पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
बहू के पिता ने आरोपों को बताया झूठा
दूसरी ओर, नीतू के पिता विमल ने रतन सिंह के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि राजेंद्र के परिजन संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं।
विमल ने दावा किया कि उनके पास अपने पक्ष में सबूत और वीडियो फुटेज मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को घर से बाहर निकाल दिया गया है। फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप लगाए गए हैं। मौत की असल वजह और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।