जयपुर में 5 करोड़ की लग्जरी घड़ियों की चोरी, घोड़ासन गैंग पर शक, जांच दिल्ली-नेपाल तक फैली

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 02, 2026, 11:51 IST
​जयपुर चोरी में बड़ा खुलासा ​
जयपुर का टोंक रोड अब एक भीषण चोरी की घटना का गवाह बना है, जहां एक महंगे घड़ी के शोरूम से 251 अद्भुत घड़ियों की चोरी की गई है। इन घड़ियों की कुल कीमत 5 करोड़ रुपये के लगभग है। पुलिस इस वारदात में घोड़ासन गैंग की हिस्सेदारी की संभावनाओं की जांच कर रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर में लग्जरी घड़ियों के शोरूम में बड़ी चोरी से हड़कंप मच गया।
  • 251 से ज्यादा महंगी घड़ियां पांच बैग में भरकर ले गए बदमाश।
  • पुलिस को घोड़ासन गैंग के तरीके से वारदात मिलती-जुलती लगी।
  • जांच की कड़ियां दिल्ली, नेपाल और पूर्वी चंपारण तक पहुंचीं।
  • सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों के आने-जाने का रास्ता खंगाला जा रहा है।

जयपुर के टोंक रोड स्थित एक लग्जरी घड़ी शोरूम में गुरुवार तड़के बड़ी चोरी हुई। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक कई बदमाश सुबह करीब 4 बजे के आसपास शोरूम के बाहर पहुंचे थे। कुछ समय तक उन्होंने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी और इसके बाद शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुए।



बदमाशों ने शोरूम में रखी महंगी घड़ियों को बैग में भरना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वे वहां से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में 251 से ज्यादा घड़ियों के चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है, हालांकि अंतिम कीमत स्टॉक मिलान के बाद स्पष्ट होगी।



पर्दा लगाकर तोड़ा शटर

वारदात के तरीके ने पुलिस का ध्यान खींचा है। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश शोरूम के बाहर पर्दे की आड़ बनाते नजर आए। इसके बाद उन्होंने लोहे की रॉड की मदद से शटर को तोड़ा और दो बदमाश अंदर दाखिल हुए।



बाकी बदमाश बाहर रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। अंदर पहुंचे बदमाशों ने डिस्प्ले में रखी महंगी घड़ियां निकालकर बैगों में भर दीं। पूरी वारदात के दौरान बदमाशों ने तेजी से काम किया और फिर वहां से निकल गए।




पांच बैग में भरकर ले गए घड़ियां

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने चोरी की घड़ियों को करीब पांच बैग में भरा। सीसीटीवी फुटेज में दो बदमाश शोरूम के अंदर घड़ियां निकालते दिखाई दिए, जबकि दूसरे बाहर निगरानी करते रहे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे और सभी बदमाश किस वाहन या रास्ते से मौके तक पहुंचे थे।



घोड़ासन गैंग का एंगल भी जांच में

जयपुर पुलिस अब इस चोरी में घोड़ासन गैंग की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस को वारदात का तरीका इस गैंग की पहले सामने आई कुछ चोरी की घटनाओं से मिलता-जुलता लग रहा है। हालांकि अभी तक घोड़ासन गैंग के शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी गैंग के पुराने मामलों में इस्तेमाल तरीके और जयपुर की इस वारदात के बीच समानताओं को देख रही है।




जांच के तार दिल्ली और नेपाल तक

चोरी के बाद पुलिस ने सिर्फ जयपुर तक जांच सीमित नहीं रखी है। सीसीटीवी फुटेज, बदमाशों के संभावित रूट और दूसरे तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच की कड़ियां दिल्ली, नेपाल सीमा और बिहार के पूर्वी चंपारण तक जोड़ी जा रही हैं।



पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की गई घड़ियां वारदात के बाद कहां ले जाई गईं और उन्हें खपाने की कोशिश किस रास्ते से हो सकती है। हालांकि चोरी का माल कहां पहुंचा, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।



पुलिस ने कई टीमें लगाईं

वारदात के बाद पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें लगाई हैं। टीमें शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही हैं। इसके अलावा टोंक रोड और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे कैमरों से बदमाशों की आवाजाही का पता लगाया जा रहा है। पुलिस मौके से मिले दूसरे साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस बदमाशों की पहचान करने के साथ चोरी की घड़ियों को बरामद करने पर भी है।




CCTV से खुल सकती है पूरी कहानी

इस मामले में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम सुरागों में से एक है। फुटेज में बदमाशों के शोरूम तक पहुंचने, शटर तोड़ने, अंदर जाने और घड़ियां लेकर बाहर निकलने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। अब पुलिस अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर बदमाशों के पूरे रूट का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या वारदात से पहले शोरूम की रेकी की गई थी।



चोरी की सही कीमत स्टॉक मिलान के बाद

शोरूम से 251 से ज्यादा घड़ियां चोरी होने की जानकारी सामने आई है। चोरी हुए सामान की कीमत अलग-अलग शुरुआती आकलनों में अलग बताई गई है।शोरूम के स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान होने के बाद ही चोरी गई घड़ियों की सही संख्या और कुल कीमत स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की जांच बदमाशों की पहचान, चोरी के माल की बरामदगी और वारदात के पीछे संभावित गिरोह तक पहुंचने पर केंद्रित है।




अब पुलिस के सामने तीन बड़े सवाल

इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल बदमाशों की पहचान का है। इसके अलावा यह पता लगाना भी जरूरी है कि चोरी की घड़ियां वारदात के बाद कहां ले जाई गईं और क्या उन्हें राजस्थान से बाहर भेजा गया। तीसरा सवाल यह है कि क्या इस वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या बदमाशों ने स्थानीय स्तर पर योजना बनाकर चोरी को अंजाम दिया। फिलहाल घोड़ासन गैंग का एंगल जांच में है और आगे की जांच के बाद ही इसकी स्थिति साफ होगी।



यह खबर क्यों जरूरी है:

जयपुर के व्यस्त टोंक रोड पर करोड़ों रुपए की लग्जरी घड़ियों की चोरी ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। वारदात कुछ ही देर में अंजाम दी गई और बदमाश बड़ी संख्या में महंगी घड़ियां लेकर फरार हो गए। अब सीसीटीवी और दूसरे सुरागों के जरिए पुलिस बदमाशों की पहचान और चोरी के माल तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दिल्ली, नेपाल और पूर्वी चंपारण तक जांच की कड़ियां जुड़ने से मामले का दायरा भी बढ़ गया है।



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