अमेरिकी नागरिकों से आईफोन की टेक्निकल समस्या दूर करने के नाम पर करोड़ों की ठगी, फेक कॉल सेंटर का भंडाफोड़
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बैठकर अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। भांकरोटा इलाके में चल रहे फर्जी टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर मंगलवार को पुलिस ने छापा मारा। आरोप है कि गिरोह के सदस्य आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को अपने जाल में फंसाते थे और उनके बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। पुलिस ने मामले में दो युवतियों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
भांकरोटा में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने भांकरोटा इलाके में फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर बना रखा था। यहां से अमेरिकी नागरिकों को संपर्क कर आईफोन में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान करने का झांसा दिया जाता था। बातचीत के दौरान ग्राहकों को विश्वास में लेकर उनसे सहायता के नाम पर शुल्क भी वसूला जाता था।
X-Lite सॉफ्टवेयर से करते थे संपर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करने के लिए X-Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों का इस्तेमाल करते थे। तकनीकी सहायता देने के बहाने लोगों को बातचीत में उलझाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
बैंक अधिकारी बनकर हासिल करते थे गोपनीय जानकारी
पुलिस के मुताबिक, गिरोह में शामिल एक युवती कथित तौर पर बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। वह उन्हें भरोसे में लेकर बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद यह जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में साझा की जाती थी, जहां से गिरोह के संचालक उसका कथित तौर पर दुरुपयोग कर खातों से रकम निकालते थे।
दो युवतियों सहित 10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में हर्ष चौहान, कृष्ण, आकाशी लाबा, खोजा, केवी, निशांत, रविंद्र कुमार, अंकित, दिया गुरुजी और लिशीनी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो युवतियां भी शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह की भूमिका और ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप बरामद किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और कथित ऑनलाइन ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाता था।
करोड़ों की ठगी के नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरोह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। पुलिस अब कथित ठगी की कुल रकम, गिरोह के संचालकों और बैंक खातों के इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क से अन्य लोग जुड़े हुए थे या नहीं।
पुलिस खंगाल रही है पूरे नेटवर्क की कड़ियां
पुलिस की जांच अब कॉल सेंटर के संचालन, डिजिटल साक्ष्यों और टेलीग्राम पर साझा की गई जानकारी तक पहुंचने पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अमेरिकी नागरिकों से ठगी गई रकम कहां और किन माध्यमों से ट्रांसफर की जाती थी।