पड़ोसी के साथ भागी पत्नी तो पिता ने करवा दिया बेटे का किडनैप, 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के कागजात बने वजह
जयपुर में 6 साल के बच्चे की किडनैपिंग के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। हैरानी की बात यह है कि बच्चे को अगवा करने की साजिश उसके पिता ने ही अपने भाई और दुकान के दो कर्मचारियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी के घर छोड़कर चले जाने से नाराज था। इसी वजह से उसने पड़ोसी और उसके परिवार पर दबाव बनाने के लिए अपने ही बेटे के अपहरण की योजना बनाई।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के मुताबिक, कालूराम मीणा ने 16 अक्टूबर को शिवदासपुरा थाने में बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका 6 साल का बेटा पहली क्लास में पढ़ता है। स्कूल से लौटने के बाद दोपहर करीब 3:15 बजे वह अपनी 16 साल की चचेरी बहन के साथ घर के पास स्थित आरओ प्लांट पर पानी लेने गया था। इसी दौरान बाइक पर आए दो नकाबपोश बदमाश बच्चे को उठाकर ले गए।
हेलमेट पहना, बाइक की नंबर प्लेट भी हटाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में बाइक सवार संदिग्ध दिखाई दिए। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने हेलमेट पहन रखा था और बाइक की नंबर प्लेट भी हटा दी थी। पुलिस ने कैमरों की फुटेज के आधार पर आने-जाने का रूट चार्ट तैयार किया। जांच आगे बढ़ी तो अपहरण की साजिश के पीछे परिवार से जुड़ा विवाद सामने आया।
पत्नी के पड़ोसी के साथ जाने से नाराज था पिता
डीसीपी चाकसू भवानी सिंह के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि कालूराम की पत्नी सुपारी देवी 6 जुलाई 2026 को उसके दोस्त और पड़ोसी राकेश मीणा के साथ चली गई थी। आरोप है कि वह अपने नाम पर की गई करीब 3 करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी साथ ले गई थी। कालूराम ने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी शिवदासपुरा थाने में दर्ज कराई थी।
पत्नी के वापस नहीं लौटने से नाराज कालूराम ने अपने भाई मन्नाराम मीणा के साथ मिलकर राकेश और उसके परिवार पर दबाव बनाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपनी दुकान के कर्मचारियों धोलू मीणा और अंगद मीणा को भी साजिश में शामिल कर लिया। इसके बाद बच्चे के अपहरण की योजना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने बच्चे को तलाशा, चारों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और 48 घंटे के भीतर बच्चे को तलाश लिया। मामले में कालूराम मीणा, उसके भाई मन्नाराम मीणा और दुकान के कर्मचारियों धोलू मीणा व अंगद मीणा को गिरफ्तार किया गया है।
इस घटना ने पारिवारिक विवाद को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा किया है। पत्नी से नाराजगी और संपत्ति से जुड़े विवाद में पिता ने अपने ही मासूम बेटे को साजिश का हिस्सा बना दिया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।