महापौर सुनील कोठारी ने जयपुर में रात में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, दीपोत्सव से पहले सुधार का फोकस
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के महापौर सुनील कोठारी रात में सफाई व्यवस्था देखने सड़कों पर उतरे।
- चारदीवारी क्षेत्र में बाजार बंद होने के बाद सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
- सड़क पर कचरा दिखा तो महापौर ने खुद झाड़ू थाम ली।
- सफाई कर्मचारियों की तैनाती और संसाधनों की भी जानकारी ली गई।
- दीपोत्सव से पहले जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर फोकस।
जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी ने गुरुवार देर रात शहर की सफाई व्यवस्था का रियलिटी चेक किया। सांगानेरी गेट स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान चारदीवारी क्षेत्र में बाजार बंद होने के बाद सड़कों की स्थिति, सफाई कर्मचारियों की तैनाती और कचरा उठाने की व्यवस्था देखी गई। सड़क पर कचरा मिलने पर महापौर ने खुद झाड़ू लगाकर सफाई का संदेश दिया। इस दौरान जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, पार्षद अनुराधा माहेश्वरी और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे।
रात में सड़कों पर उतरे महापौर
महापौर की कुर्सी संभालने के बाद सुनील कोठारी अब शहर की व्यवस्थाओं को लेकर फील्ड में नजर आ रहे हैं। दिन में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद गुरुवार देर रात उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
रात्रिकालीन निरीक्षण की शुरुआत सांगानेरी गेट स्थित हनुमान मंदिर से हुई। इसके बाद महापौर चारदीवारी क्षेत्र में पहुंचे और अलग-अलग जगहों पर सफाई व्यवस्था देखी।
चारदीवारी में सफाई का लिया जायजा
चारदीवारी जयपुर का प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्र है। यहां बाजार बंद होने के बाद बड़ी मात्रा में कचरा सड़कों और दुकानों के आसपास जमा होने की संभावना रहती है।
महापौर ने बाजार बंद होने के बाद सफाई व्यवस्था की स्थिति देखी। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की तैनाती, कचरा उठाने की व्यवस्था और सफाई के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जहां कचरा नजर आया, वहां महापौर ने खुद झाड़ू थामकर सफाई की।
महापौर ने खुद थामी झाड़ू
निरीक्षण के दौरान सड़क पर कचरा दिखाई देने के बाद सुनील कोठारी ने खुद झाड़ू लगाई। इसके जरिए उन्होंने शहर में स्वच्छता को लेकर लोगों और कर्मचारियों को संदेश देने की कोशिश की।
महापौर ने कहा कि केवल अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सफाई व्यवस्था को समझना पर्याप्त नहीं है। यह देखना जरूरी है कि फील्ड में कर्मचारियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उपलब्ध संसाधन किस तरह काम कर रहे हैं।
2 अक्टूबर की सफाई पर भी फोकस
महापौर ने कहा कि 2 अक्टूबर को जयपुर में विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का निरीक्षण इसलिए किया जा रहा है ताकि बाजार बंद होने के बाद सड़कों पर जमा होने वाले कचरे को समय पर उठाने की स्थिति को देखा जा सके। सफाई कर्मचारियों की तैनाती से लेकर कचरा उठाने तक पूरी व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद जहां जरूरत होगी, वहां सुधार किए जाएंगे।
दीपोत्सव से पहले शहर को सुंदर बनाने की तैयारी
आने वाले दिनों में दीपोत्सव का त्योहार भी है। ऐसे में नगर निगम का फोकस जयपुर को साफ और सुंदर रखने पर है। महापौर ने कहा कि उनकी कोशिश है कि दीपोत्सव के दौरान जयपुर स्वच्छ नजर आए और शहर रोशनी से जगमग हो। इसके लिए सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कर्मचारियों की फील्ड से जुड़ी समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जाएगा।
सांसद मंजू शर्मा भी रहीं मौजूद
रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा भी मौजूद रहीं। उनके साथ पार्षद अनुराधा माहेश्वरी, उपायुक्त बलराम मीणा सहित नगर निगम के अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। सभी ने चारदीवारी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने की स्थिति का जायजा लिया।
यूनेस्को हेरिटेज पहचान पर भी फोकस
निरीक्षण के दौरान जयपुर की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान को लेकर भी महापौर ने बात की। उन्होंने कहा कि जयपुर की यूनेस्को हेरिटेज पहचान को बनाए रखने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। इस दिशा में जरूरी कदम उठाने की बात भी कही गई।
चारदीवारी क्षेत्र जयपुर की ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था के साथ क्षेत्र की विरासत को सुरक्षित रखना भी नगर निगम के सामने बड़ी जिम्मेदारी है।
अब निरीक्षण के बाद बदलाव पर नजर
महापौर के इस रात्रिकालीन निरीक्षण के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि सफाई व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं। चारदीवारी में बाजार बंद होने के बाद कचरा उठाने की व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सामने आने वाली समस्याओं पर नगर निगम किस तरह काम करता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
महापौर ने फील्ड में उतरकर सफाई व्यवस्था की स्थिति को सीधे देखने की शुरुआत की है। अब इसका असर शहर की रोजाना सफाई व्यवस्था पर कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।
यह खबर क्यों जरूरी है:
जयपुर की चारदीवारी शहर की ऐतिहासिक और पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाजार बंद होने के बाद यहां सफाई व्यवस्था को बनाए रखना नगर निगम के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में महापौर का रात में मौके पर पहुंचकर व्यवस्था देखना यह बताता है कि नगर निगम सफाई व्यवस्था पर फोकस कर रहा है। दीपोत्सव से पहले शहर की सफाई और हेरिटेज क्षेत्र की सुंदरता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।