जैसलमेर में सड़क किनारे मिला नवजात का शव, आधा सिर और एक हाथ गायब होने से सनसनी
राजस्थान की स्वर्णनगरी जैसलमेर में बुधवार सुबह एक नवजात का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। रामगढ़ रोड स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के बाहर सड़क किनारे मिट्टी से सना शव पड़ा मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नवजात की उम्र करीब एक दिन होने की आशंका है। शव की हालत देखकर लोग स्तब्ध रह गए। मासूम का आधा सिर और एक हाथ गायब था। आशंका जताई जा रही है कि शव को किसी जानवर ने नोचा होगा, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुबह करीब आठ बजे पुलिस को मिली सूचना
शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई के अनुसार, बुधवार सुबह करीब आठ बजे आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉक्टर ने फोन कर नवजात का शव मिलने की सूचना दी थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी।
शव की हालत देखकर उठे कई सवाल
नवजात का शव मिट्टी से सना हुआ था और उसकी हालत क्षत-विक्षत बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मासूम का आधा सिर और एक हाथ गायब था। आशंका जताई जा रही है कि किसी जानवर ने शव को नोचा होगा। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और शव की स्थिति को लेकर अंतिम जानकारी जांच तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नवजात को वहां कौन छोड़कर गया, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात का शव अस्पताल के बाहर कैसे पहुंचा और उसे वहां कौन छोड़कर गया। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि बच्चे का जन्म कहां हुआ था और घटना किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, बच्चे की पहचान और शव वहां मिलने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले अस्पताल के आसपास कौन आया था और किसी संदिग्ध गतिविधि को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है या नहीं। पुलिस घटनास्थल के आसपास उपलब्ध जानकारी जुटाकर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच
पुलिस हाल ही में हुए प्रसव से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए आसपास के अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों के रिकॉर्ड भी देख रही है। जांच का उद्देश्य नवजात की पहचान करना और यह पता लगाना है कि हाल के दिनों में किसी अस्पताल में बच्चे का जन्म हुआ था या नहीं। पुलिस उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया शव
पुलिस ने नवजात के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। बच्चे की जन्म के समय स्थिति क्या थी और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, मौत के कारण और शव की हालत से जुड़े पहलुओं को लेकर जांच जारी है।
घटना के पीछे की वजह जानने में जुटी पुलिस
नवजात का शव मिलने के बाद पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, अस्पतालों के रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस का प्रयास है कि नवजात की पहचान हो सके और यह स्पष्ट हो कि शव अस्पताल के बाहर किन परिस्थितियों में पहुंचा। अभी तक घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आगे क्या?
अब पुलिस की जांच सीसीटीवी फुटेज, अस्पतालों के रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर केंद्रित रहेगी। इन जानकारियों से नवजात की पहचान और मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना से जुड़े अहम सवालों के जवाब मिल पाएंगे।