न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया, व्यापारी संकट में
समझें क्या है पूरा मामला
- न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए ने अतिक्रमण हटाने के लिए मार्किंग की है।
- 6 अक्टूबर तक अतिक्रमण हटाने की समय-सीमा दी गई है।
- मार्किंग के दायरे में आ रहे निर्माण को कई व्यापारी खुद हटा रहे हैं।
- त्योहारों के सीजन में दुकानें खाली होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
- कुछ व्यापारियों का दावा है कि उनकी पूरी दुकान ही मार्किंग के दायरे में आ रही है।
जयपुर के सोडाला क्षेत्र में न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। जेडीए ने अतिक्रमण हटाने के लिए 6 अक्टूबर तक की समय-सीमा तय की है। इसके बाद कार्रवाई की आशंका को देखते हुए कई व्यापारी खुद ही दुकानों और भवनों के उन हिस्सों को हटाने में जुट गए हैं, जो जेडीए की मार्किंग के दायरे में आ रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि वे मजबूरी में अपनी दुकानों का सामान निकाल रहे हैं और निर्माण का हिस्सा खुद तोड़कर जगह खाली कर रहे हैं, ताकि कार्रवाई के दौरान उनका नुकसान और ज्यादा न हो। कई दुकानदारों ने सामान जल्द निकालने के लिए भारी छूट भी दे रखी है।
त्योहारों से पहले कारोबार पर संकट
व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कार्रवाई ऐसे समय हो रही है, जब नवरात्रि और दीपावली का सीजन शुरू होने वाला है। यह समय बाजारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं की बिक्री इसी दौरान बढ़ती है।
लेकिन न्यू सांगानेर रोड के कई व्यापारियों के सामने इस समय दुकान चलाने के बजाय उसे खाली करने की चुनौती खड़ी हो गई है। दुकानों से सामान निकालने के साथ-साथ निर्माण हटाने का खर्च भी व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है।
60 फीसदी तक छूट देकर बेच रहे सामान
जिन दुकानों पर कार्रवाई का असर पड़ रहा है, वहां व्यापारी जल्द से जल्द सामान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए कई जगहों पर 60 प्रतिशत तक की छूट देकर सामान बेचा जा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि सामान्य स्थिति में जिस सामान को उचित कीमत पर बेचा जा सकता था, उसे अब मजबूरी में कम दाम पर निकालना पड़ रहा है। इससे उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तरफ दुकान खाली करने का खर्च है, तो दूसरी तरफ सामान कम कीमत पर बेचने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पूरी दुकान मार्किंग में आने से बढ़ी चिंता
कुछ व्यापारियों का दावा है कि जेडीए की मार्किंग में उनकी पूरी दुकान ही आ रही है। ऐसे व्यापारियों के सामने दुकान खाली करने के अलावा फिलहाल कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।
दुकान खाली होने के बाद उनका कारोबार दोबारा कब शुरू होगा और कहां से शुरू होगा, इसे लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। व्यापारियों के मुताबिक किराया, कर्मचारियों का वेतन, माल की लागत और दूसरे खर्च पहले से ही जुड़े हुए हैं। ऐसे में लंबे समय तक दुकान बंद रहने पर आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है।
व्यापारियों ने उठाए कई सवाल
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों के बीच कई सवाल भी हैं। उनका कहना है कि त्योहारों से ठीक पहले ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है? जिन दुकानों की पूरी जगह मार्किंग में आ रही है, उनके भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी? व्यापारी यह भी जानना चाहते हैं कि दुकानें हटने के बाद उन्हें दोबारा कारोबार स्थापित करने के लिए किसी तरह की राहत या पुनर्वास की व्यवस्था मिलेगी या नहीं।
फिलहाल 6 अक्टूबर की समय-सीमा नजदीक आने के साथ न्यू सांगानेर रोड पर व्यापारी अपनी दुकानें और सामान बचाने की कोशिश में जुटे हैं। त्योहारों के सीजन में होने वाली इस कार्रवाई से व्यापारियों को कारोबार के साथ-साथ भविष्य की चिंता भी सताने लगी है।