JEE Advanced 2026: आखिर टॉपर शुभम को लेकर दो कोचिंग संस्थानों में क्यों छिड़ा घमासान?

The Sootr | Jun 02, 2026, 22:44 IST
Photograph: (the sootr)
JEE Advanced 2026 के टॉपर शुभम कुमार की सफलता का क्रेडिट लेने के लिए देश के दो नामी कोचिंग संस्थान आमने—सामने हैं। दोनों संस्थानों का दावा है कि शुभम ने उनके यहां कोचिंग ली।

News In Short

  • JEE Advanced 2026 के टॉपर शुभम कुमार को लेकर दो कोचिंग संस्थानों में घमासान।
  • पटना के कोचिंग सेंटर मेंटर्स एडुसर्व ने साझा किए शुभम से जुड़े वीडियो और प्रचार सामग्री।
  • राजस्थान में कोटा का एलन करियर इंस्टीट्यूट भी शुभम को बता रहा अपना छात्र।
  • दोनों कोचिंग संस्थानों की रैंक पॉलिटिक्स सोशल मीडिया पर बन रही चर्चा का विषय।
  • सबसे बड़ा सवाल, शुभम की सफलता क्या उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं।

News In Detail

टीना सुराणा@कोटा



JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार को लेकर देश के दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच क्रेडिट का घमासान मचा हुआ है। रोचक बात यह है कि यह विवाद केवल JEE Advanced के परिणाम के बाद ही नहीं, बल्कि JEE Main के परिणाम के समय से ही सामने आ रहा था।



JEE Main में शानदार प्रदर्शन के बाद पटना के कोचिंग सेंटर मेंटर्स एडुसर्व ने भी शुभम से जुड़े वीडियो और प्रचार सामग्री साझा की थी। अब JEE Advanced में एआई रैंक-1 आने के बाद इसी संस्थान ने शुभम के माता-पिता, शिक्षा मंत्री और संस्थान प्रबंधन से जुड़े वीडियो भी प्रसारित किए हैं।



दूसरी ओर, राजस्थान में कोटा के बड़े कोचिंग सेंटर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) भी शुभम को अपना छात्र बता रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शुभम खुद को एलन से जुड़ाव की बात करते दिख रहे हैं।



रैंक पॉलिटिक्स आखिर होती क्या?

प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए कई छात्र एक साथ स्कूल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, टेस्ट सीरीज, डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम और ऑफलाइन कोचिंग का उपयोग करते हैं।





जब छात्र टॉप रैंक हासिल करता है, तब एक से अधिक संस्थान उसके साथ अपने संबंधों को प्रचारित करने लगते हैं। शिक्षा जगत में इसे 'Rank Politics' या 'Credit War' कहा जाता है।



विशेषज्ञों के अनुसार विवाद का मुख्य कारण यह होता है कि किसी छात्र ने किस संस्थान से रेगुलर क्लास ली, किसकी टेस्ट सीरीज जॉइन की, किस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया और अंतिम तैयारी कहां से की। अलग-अलग संस्थान इन्हीं आधारों पर अपना दावा पेश करते हैं।





ChatGPT Image Jun 2, 2026, 10_42_27 PM


सबसे बड़ा सवाल

क्या AIR-1 की उपलब्धि कोचिंग संस्थानों की ब्रांडिंग का माध्यम बन रही है? या फिर यह सफलता उस छात्र की है, जिसने विभिन्न स्रोतों से पढ़कर खुद को देश का नंबर-1 बनाया?



एक बात तय है-इस समय चर्चा सिर्फ रैंक की नहीं, बल्कि उस रैंक पर दावा करने वालों की भी हो रही है। इसी वजह से JEE Advanced 2026 का AIR-1 परिणाम अब शिक्षा जगत की सबसे बड़ी बहस बन चुका है।



FAQ

  1. टॉपर शुभम कुमार को लेकर किन कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद है?
    JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम को लेकर दो कोचिंग संस्थान आमने-सामने हैं। पटना के कोचिंग सेंटर मेंटर्स एडुसर्व और कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट टॉपर शुभम को अपना छात्र होने का दावा कर रहे हैं।
  2. रैंक पॉलिटिक्स या क्रेडिट वार क्या होता है?
    प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए कई छात्र एक साथ स्कूल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, टेस्ट सीरीज, डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम और ऑफलाइन कोचिंग का उपयोग करते हैं। जब छात्र टॉप रैंक हासिल करता है तो एक से अधिक संस्थान उसके साथ अपने संबंधों को प्रचारित करने लगते हैं। शिक्षा जगत में इसे 'Rank Politics' या 'Credit War' कहा जाता है।

ये भी पढे़:-

हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा नोटिस, 7 दिन में माफी मांगने की मांग



25 हजार सफाईकर्मियों की होगी भर्ती, 5 साल करनी होगी संविदा पर नौकरी



उत्तराखंड में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, राजस्थान के तीन लोगों की मौत



8 भर्ती परीक्षाओं पर मंडरा रहा देरी का संकट, RPSC की खाली होती कुर्सियों को कब मिलेंगे साहब?



Tags:
  • राजस्थान
  • कोटा
  • कोचिंग
  • JEE Advanced